Wheat Procurement in MP: गेहूं खरीदी पर सीएम हाउस से रखी जाएगी नजर, उपार्जन केंद्रों में किसानों को मिलेगी ये सुविधाएं, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने की किसानों और स्वयंसेवी संस्थाओं से की बात

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Wheat Procurement in MP: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि, प्रदेश में 9 अप्रैल से गेहूँ खरीदी आरंभ हो रही है।

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  • Publish Date - April 8, 2026 / 05:36 PM IST,
    Updated On - April 8, 2026 / 06:44 PM IST

CM Dr. Mohan Yadav News/Image Credit: MP DPR

HIGHLIGHTS
  • मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि, प्रदेश में 9 अप्रैल से गेहूँ खरीदी आरंभ हो रही है।
  • सीएम ने सभी उपार्जन केंद्रों पर किसानों के लिए सहज-सुगम व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
  • उपार्जन केन्द्रों पर किसानों के लिए पेयजल और छायादार स्थान की व्यवस्था की जा रही है।

Wheat Procurement in MP: भोपाल: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि, प्रदेश में 9 अप्रैल से गेहूँ खरीदी आरंभ हो रही है। उन्होंने सभी उपार्जन केंद्रों पर किसानों के लिए सहज-सुगम व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश सभी कलेक्टर्स और एसडीएम को दिए गए हैं। उपार्जन केन्द्रों पर किसानों के लिए पेयजल और छायादार स्थान की व्यवस्था की जा रही है। गेहूँ उपार्जन जैसी महत्वपूर्ण और व्यापक गतिविधि में सामाजिक और सेवाभावी संस्थाएं भी सहयोग करें। प्रदेश में वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। (CM Dr. Mohan Yadav News) राज्य सरकार किसान कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है, किसानों की आय बढ़ाने के लिए निरंतर फैसले लिए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह विचार किसान और स्वयं सेवी संस्थाओं के प्रतिनिधियों से मुख्यमंत्री निवास से वर्चुअल संवाद के दौरान व्यक्त किए।

प्रदेश में बारदाने की पर्याप्त व्यवस्था

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में बारदाने की पर्याप्त व्यवस्था है। गेहूँ की प्रति क्विंटल कीमत को वर्तमान स्तर तक लाना बड़ी चुनौती थी, हम इसे 2700 रूपये प्रति क्विंटल तक ले जाएंगे। किसानों को उनकी फसल का सही दाम दिलवाना हमारी प्रतिबद्धता है। हम जनता की सेवा करना चाहते हैं, (Wheat Procurement in MP) इसी उद्देश्य से उपार्जन केंद्रों पर गेहूँ खरीदी की बेहतर व्यवस्था की गई है।

उपार्जन केंद्रों पर स्थापित किए जा रहे हेल्प डेस्क

Wheat Procurement in MP: मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उपार्जन केंद्रों पर हेल्प डेस्क स्थापित किये जा रहे हैं, जिला स्तर पर कंट्रोल रूम बनाए गए हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय में स्थापित कंट्रोल रूम से संपूर्ण व्यवस्था पर लगातार नजर रखी जाएगी। उपार्जन केंद्रों पर पंपलेट और होर्डिंग के द्वारा भी किसानों को व्यवस्था के संबंध में जानकारियां देने के निर्देश दिए गए हैं। (Wheat Procurement in MP) वर्ष 2026 से किसान कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। उपार्जन केन्द्रों पर आने वाले किसानों को उनके कल्याण तथा हित से जुड़ी शासन की योजनाओं से भी अवगत कराया जाए।

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