Modi Cabinet Ke Faisle/Image Credit: IBC24.in
Modi Cabinet Ke Faisle: नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आज कैबिनेट की बैठक हुई। इस बैठक में किसानों, आम आदमी और बुनियादी ढांचे के विकास को लेकर कई अहम मुद्दों पर चर्चा के बाद मुहर लगाई गई। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कैबिनेट की बैठक में लिए गए निर्णयों के बारे में जानकारी दी। (Modi Cabinet Ke Faisle) केंद्रीय मंत्री अश्वनी ने बताया कि, सरकार ने कुल 1 लाख 74 हजार 207 करोड़ रुपये के 5 बड़े प्रोजेक्ट्स को अपनी मंजूरी दे दी है। हम आपको इन 5 बड़े प्रोजेक्ट्स के बारे में पूरी जानकारी देंगे।
केंद्रीय मंत्री अश्वनी वैष्णव ने बताया कि, औद्योगिक विकास को रफ्तार देने के लिए सरकार ने एचपीसीएल (HPCL) राजस्थान रिफाइनरी लिमिटेड के प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए 79,459 करोड़ रुपए का बड़ा फंड स्वीकृत किया है। यह प्रोजेक्ट न सिर्फ राजस्थान की आर्थिक तस्वीर बदलेगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के हजारों नए अवसर भी पैदा करेगा।
Modi Cabinet Ke Faisle: सरकार ने आगामी खरीफ फसलों के लिए डीएपी (DAP) और एनकेपीएस (NKPS) जैसे जरूरी उर्वरकों पर सब्सिडी जारी रखने का फैसला किया है। इस मद में 41,534 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. किसानों के लिए सबसे बड़ी राहत की बात यह है कि दुनिया भर में कीमतें भले ही ऊपर-नीचे हों, (Modi Cabinet Ke Faisle) लेकिन भारत में किसानों को DAP की बोरी पहले की तरह ही महज 1350 रुपए में मिलती रहेगी। लागत का अतिरिक्त बोझ सरकार खुद उठाएगी।
भविष्य में बिजली की बढ़ती मांग को सुचारू रूप से पूरा करने के लिए सरकार ने 1,720 मेगावाट क्षमता वाले ‘कमला हाइड्रो इलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट’ को अपनी अंतिम मंजूरी दे दी है। (Modi Cabinet Ke Faisle) इस विशाल जलविद्युत परियोजना पर 26,070 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे।
देश की ऊर्जा सुरक्षा को और अधिक मजबूत करने के लिए कैबिनेट ने एक और बड़ा फैसला लिया है। इसके तहत 1,200 मेगावाट के ‘कलाई-II हाइड्रो इलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट’ पर भी मुहर लगाई गई है, (Modi Cabinet Ke Faisle) जिसके निर्माण पर 14,106 करोड़ रुपये की लागत आएगी।
Modi Cabinet Ke Faisle: जयपुर शहर में बढ़ती ट्रैफिक जाम की समस्या को खत्म करने के लिए 41 किलोमीटर लंबे जयपुर मेट्रो के दूसरे चरण (फेज-2) के निर्माण को मंजूरी दे दी गई है। इस पूरे प्रोजेक्ट पर 13,038 करोड़ रुपए की लागत आएगी। इसके बनने से लाखों दैनिक यात्रियों का सफर बेहद आसान और सुरक्षित हो जाएगा।
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