नयी दिल्ली, आठ अप्रैल (भाषा) सरकार ने घरेलू रिफाइनिंग और पेट्रोरसायन क्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से बुधवार को राजस्थान तेल रिफाइनरी परियोजना की लागत बढ़ाकर 79,459 करोड़ रुपये करने को मंजूरी दे दी।
आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीईए) की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इसके साथ ही हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) की ओर से अतिरिक्त इक्विटी निवेश को भी मंजूरी दी गई है।
आधिकारिक बयान के मुताबिक, एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी लिमिटेड (एचआरआरएल) परियोजना की संशोधित लागत पहले के 43,129 करोड़ रुपये के अनुमान से काफी अधिक है।
इस परियोजना में एचपीसीएल अतिरिक्त 8,962 करोड़ रुपये का निवेश करेगी, जिससे उसका कुल इक्विटी योगदान बढ़कर करीब 19,600 करोड़ रुपये हो जाएगा।
यह रिफाइनरी राजस्थान के बालोतरा जिले में बन रही है और इसकी क्षमता सालाना 90 लाख टन होगी। परियोजना शुरू होने के बाद यह परिसर पेट्रोल एवं डीजल जैसे ईंधन के साथ पॉलीप्रोपाइलीन, पॉलीएथिलीन जैसे पेट्रोरसायन उत्पाद और बेंजीन एवं ब्यूटाडाइन जैसे प्रमुख औद्योगिक रसायन भी तैयार करेगा।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 21 अप्रैल को इस रिफाइनरी का उद्घाटन करेंगे। परियोजना से एक जुलाई 2026 से व्यावसायिक उत्पादन शुरू होने की उम्मीद है।
यह परियोजना देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने में मदद करेगी, क्योंकि इसमें देश में ही उत्पादित कच्चे तेल का प्रसंस्करण किया जाएगा और आयात पर निर्भरता कम होगी।
यह भारत को रिफाइनिंग और विनिर्माण के क्षेत्र में एक प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में भी अहम कदम है।
यह रिफाइनरी एचपीसीएल और राजस्थान सरकार का संयुक्त उपक्रम है, जिसमें एचपीसीएल की 74 प्रतिशत और राज्य सरकार की 26 प्रतिशत हिस्सेदारी है।
परियोजना के निर्माण के दौरान करीब 25,000 लोगों को रोजगार मिला है।
भाषा योगेश प्रेम
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