कृषि क्षेत्र की संपूर्ण सुरक्षा, किसान हित सर्वोपरि: शिवराज चौहान

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कृषि क्षेत्र की संपूर्ण सुरक्षा, किसान हित सर्वोपरि: शिवराज चौहान

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  • Publish Date - February 8, 2026 / 09:58 AM IST,
    Updated On - February 8, 2026 / 09:58 AM IST

(फोटो के साथ)

भोपाल, आठ फरवरी (भाषा) केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर कांग्रेस के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए रविवार को कहा कि इस समझौते में कृषि क्षेत्र की संपूर्ण सुरक्षा की गई है और किसान हित सर्वोपरि रखा गया है।

चौहान ने राजधानी स्थित अपने आवास पर आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा, “इस समझौते में ऐसा कोई भी उत्पाद शामिल नहीं किया गया है जिससे भारतीय किसानों को जरा भी नुकसान हो।”

उन्होंने कहा कि सभी संवेदनशील वस्तुओं को समझौते से पूरी तरह बाहर रखा गया है।

चौहान ने कहा कि भारत में किसी भी प्रकार के आनुवंशिक रूप से संशोधित यानी जीएम उत्पादों को प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी और यह एक बहुत बड़ा निर्णय है।

उन्होंने कहा, “इससे भारतीय कृषि की शुद्धता बनी रहेगी, हमारी मिट्टी और हमारे बीज सुरक्षित रहेंगे।”

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अमेरिका को मांस, पोल्ट्री, डेयरी, सोयाबीन, मक्का, चावल, गेहूं, चीनी, मोटे अनाज, केले, स्ट्रॉबेरी, चेरी, खट्टे फल, हरी मटर, काबुली चना, मूंग, तिलहन, एथेनॉल और तंबाकू जैसे उत्पादों पर शुल्क में कोई छूट नहीं दी गई है। उन्होंने कहा कि छिल्का रहित अनाज व आटा, आलू, प्याज, मटर, बीन्स, खीरा, मशरूम, फ्रोजन सब्जियां, संतरे, अंगूर, नींबू और मिक्स डिब्बाबंद सब्जियां भी भारत नहीं आएंगी।

चौहान ने कहा कि दुग्ध उत्पादों में लिक्विड, पाउडर व कंडेंस्ड दूध, क्रीम, योगर्ट, बटर मिल्क, मक्खन, घी, बटर ऑयल, पनीर, व्हे उत्पाद और चीज को भी भारत में प्रवेश नहीं मिलेगी।

उन्होंने कहा कि इससे भारत के किसान परिवारों की आजीविका सुरक्षित रहेगी। चौहान ने कहा कि मसालों में काली मिर्च, लौंग, सूखी हरी मिर्च, दालचीनी, धनिया, जीरा, हींग, अदरक, हल्दी, अजवायन, मेथी, सरसों, राई और अन्य पाउडर मसाले भी नहीं आएंगे।

कांग्रेस ने शनिवार को दावा किया था कि भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते से भारत को फायदा नहीं हुआ बल्कि अमेरिका का लाभ हुआ है क्योंकि यह समझौता दबाव में किया गया और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने समर्पण कर दिया।

पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने कटाक्ष करते हुए यह भी कहा कि “नमस्ते ट्रंप” , “हाउडी मोदी” पर भारी पड़ गया है।

“नमस्ते ट्रंप” और “हाउडी मोदी” ट्रंप के पिछले कार्यकाल के दौरान भारत एवं अमेरिका के रिश्तों से जुड़े दो बड़े राजनीतिक–कूटनीतिक कार्यक्रम थे, जिनका आयोजन क्रमशः अहमदाबाद और ह्यूस्टन में हुआ था।

उन्होंने आरोप लगाया कि इस समझौते में भारत के हितों की पूर्ति नहीं हुई है।

कांग्रेस के मीडिया विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी ने अमेरिका के समक्ष समर्पण कर दिया है।

उन्होंने संवाददाताओं से कहा, “भारत सरकार अमेरिका के टाइम जोन के हिसाब से चल रही है, क्योंकि सारे निर्णय अमेरिका के हिसाब से हो रहे हैं। हमारे लिए इससे ज्यादा खेदजनक बात और कुछ नहीं हो सकती।”

खेड़ा ने दावा किया कि अदाणी-अंबानी के हितों के लिए भारत के आम नागरिकों के हितों को कुर्बान कर दिया गया है।

भाषा ब्रजेन्द्र सुरभि जितेंद्र

जितेंद्र