Digvijaya Singh on Hindutva/Image Credit:IBC24.in
Digvijaya Singh on Hindutva: भोपाल: एमपी के पूर्व सीएम औैर कांग्रेस के दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह की अगर फितरत समझनी हो तो पहले उनके ये दो बयान सुनिए, उसके बाद दिग्गी के बयान पर छिड़े सियासी घमासान की पूरी कहानी बताते हैं। तारीख -16 मई 2026 जब दिग्विजय सिंह, BJP विधायक उषा ठाकुर से सवाल-जवाब करते हुए खुद को घोर सनातनी बता रहे थे।
तारीख – 27 मई 2026 जब दिग्विजय सिंह ने राजधानी भोपाल में पूर्व पीएम पंडित नेहरू के बहाने हिंदुओं पर निशाना साधा और कहा कि-हिन्दुओं की साम्रदायिकता मौजूदा दौर की सबसे बड़ी चुनौती है।
दिग्विजय सिंह के हिंदुओं को साम्प्रदायिक बताने वाले इस बयान के आते ही सियासत में हिंदुओं का स्टेक होल्डर कही जाने वाली बीजेपी ने तुरंत मोर्चा संभाला। (Digvijaya Singh on Hindutva) दिग्विजय सिंह और कांग्रेस पर आरोपों की बौछार की। BJP ने कहा कि – हिंदू कभी साम्प्रदायिक नहीं रहा है। हिंदू तो कांग्रेस की आंखों में खटकते हैं। कांग्रेस हमेशा मुसलमानों के साथ ही खड़ी रही है। साथ ही भाजपा ने सवाल पूछा कि- दिग्विजय सिंह बताएं कि क्या देश का विभाजन हिंदुओं ने कराया था?
Digvijaya Singh on Hindutva: लेकिन दिग्विजय सिंह के हालिया बयान से कई सवाल खड़े हो रहे हैं। सवाल ये कि बकरीद के बिल्कुल करीब दिया गया, (Digvijaya Singh on Hindutva) उनका ये बयान क्या मुसलमानों को ख़ुश करने के लिए दिया गया है? सवाल ये कि भोजशाला मसले में भी वे हिन्दुओं के बजाय मुसलमानों के पक्ष में ही क्यूँ खड़े थे? सवाल ये भी कि क्या दिग्विजय सिंह पिछले दिनों राघौगढ़ किले में किये गए अपने अनुष्ठान का काउंटर तो एक ख़ास कौम के सामने नहीं कर रहे हैं? सवाल ये भी कि क्या दिग्गीराजा की नजर में हिन्दू घोर साम्प्रदायिक हो गया है?
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