“दहेज उत्पीड़न” मामला: त्विषा शर्मा का अंतिम संस्कार किया गया

“दहेज उत्पीड़न” मामला: त्विषा शर्मा का अंतिम संस्कार किया गया

“दहेज उत्पीड़न” मामला:  त्विषा शर्मा का अंतिम संस्कार किया गया
Modified Date: May 24, 2026 / 08:02 pm IST
Published Date: May 24, 2026 8:02 pm IST

(फोटो के साथ)

भोपाल, 24 मई (भाषा) मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में कथित तौर पर दहेज उत्पीड़न के कारण जान गंवाने वाली नोएडा की निवासी मॉडल एवं अभिनेत्री त्विषा शर्मा का रविवार को अंतिम संस्कार कर दिया गया। उनके भाई हर्षित शर्मा ने चिता को मुखाग्नि दी। इसके साथ ही परिवार की 12 दिन लंबी पीड़ा भरी प्रतीक्षा समाप्त हुई, हालांकि न्याय की उनकी लड़ाई अब भी जारी है।

भदभदा विश्राम घाट पर अंतिम संस्कार से पहले रविवार को एम्स, दिल्ली की चिकित्सकीय टीम ने एम्स भोपाल में त्विषा का दूसरा पोस्टमार्टम किया।

पूर्व मिस पुणे त्विषा (33) का शव 12 मई को भोपाल के कटारा हिल्स इलाके में ससुराल वालों के मकान में फंदे से लटका हुआ मिला था।

चिता को मुखाग्नि दिए जाते ही परिवार के सदस्य फूट-फूटकर रोने लगे।

अंतिम संस्कार में देरी हुई क्योंकि एम्स, दिल्ली की विशेषज्ञ टीम ने करीब चार घंटे तक दूसरा पोस्टमार्टम किया। यह प्रक्रिया मुख्य रूप से साक्ष्यों को सुरक्षित रखने और उन चोटों की जांच पर केंद्रित रही, जिन्हें परिवार के अनुसार शुरुआती जांच में नजरअंदाज किया गया था।

त्विषा के पिता नवनीधि शर्मा ने बेटी को श्रद्धांजलि देते हुए कहा, ‘‘वह मां की तरह हमारी देखभाल करती थी। उसके बिना कैसे जी पाएंगे, पता नहीं। यह मामला आने वाले समय में एक उदाहरण बनेगा। उच्चतम न्यायालय द्वारा स्वत: संज्ञान लिए जाने से न्याय की उम्मीद जगी है।’’

अंतिम संस्कार से कुछ घंटे पहले जारी बयान में नोएडा के निवासी शर्मा परिवार ने कहा कि लंबे इंतजार के कारण उन्हें हिंदू परंपराओं का उल्लंघन करना पड़ा, जिनके अनुसार मृत्यु के बाद की रस्में सामान्यत: 13 दिन में पूरी की जाती हैं।

परिवार ने कहा कि किसी भी माता-पिता के लिए अपनी युवा बेटी के पार्थिव शरीर को अंतिम विदाई देना सबसे बड़ा दुख होता है और उन्हें अंतिम संस्कार के लिए कई दिन तक इंतजार करना पड़ा।

अंतिम संस्कार के दौरान त्विषा की मां रेखा शर्मा बेसुध होने की स्थिति में पहुंच गईं। वहां मौजूद महिलाओं ने उन्हें पास के लॉन में ले जाकर चेहरे पर पानी छिड़का।

त्विषा के भाई मेजर हर्षित शर्मा ने कहा कि वह भावुक, स्नेही और देखभाल करने वाली थीं।

उन्होंने त्विषा की तुलना सुबह की पहली किरण से की, जो पूरे दिन को रोशन कर देती है।

‘वर्दी फाउंडेशन’ के संस्थापक सेवानिवृत्त मेजर जनरल श्याम श्रीवास्तव ने कहा कि वे त्विषा के परिवार को न्याय दिलाने के लिए अंत तक लड़ाई लड़ेंगे।

उन्होंने कहा, ‘‘हम आखिरी सांस तक लड़ाई लड़ेंगे।’’

पूर्व सैन्य अधिकारी श्रीवास्तव ने त्विषा को न्याय दिलाने की मांग को लेकर भोपाल में दोपहिया रैली का नेतृत्व किया था और पुलिस महानिदेशक तथा मुख्यमंत्री मोहन यादव से मुलाकात की थी।

पूर्व आईएएस अधिकारी अजीता वाजपेयी पांडे और भारतीय जनता पार्टी, कांग्रेस तथा समाजवादी पार्टी के नेताओं ने भी त्विषा को अंतिम विदाई दी।

त्विषा के परिवार ने ससुराल पक्ष पर दहेज प्रताड़ना और आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया है। वहीं, ससुराल पक्ष का दावा है कि वह मादक पदार्थों की लत से जूझ रही थीं।

आरोपियों की पृष्ठभूमि के कारण यह मामला राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है। त्विषा का पति समर्थ सिंह पेशे से वकील है, जबकि सास गिरिबाला सिंह सेवानिवृत्त जिला न्यायाधीश हैं।

मुख्यमंत्री मोहन यादव के आवास के बाहर परिवार के प्रदर्शन और जनाक्रोश के बाद मामले की जांच ने तेजी पकड़ी। मुख्यमंत्री ने परिवार को आश्वासन दिया था कि मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को सौंपी जाएगी।

भोपाल की एक अदालत ने शनिवार को समर्थ सिंह को पुलिस हिरासत में भेज दिया।

उच्चतम न्यायालय ने भी मामले का स्वत: संज्ञान लिया है। प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली तीन न्यायाधीशों की पीठ सोमवार को इस मामले की सुनवाई करेगी।

भाषा बृजेन्द्र दिमो जोहेब

जोहेब


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