Reported By: Dharam Goutam
,Jabalpur News. Image Source- IBC24
जबलपुरः Jabalpur News: कहते है कि पैसा एक ऐसी चीज है, जो किसी भी रिश्ते में दरार डाल देता है। फिर चाहे वो रिश्ता बचपन की दोस्ती का ही क्यों न हो? ऐसा ही कुछ हुआ जबलपुर में जहां पैसों के लेन देन में दो दोस्तों के रिश्ते में पहले दरार आई और फिर बात इतनी बढ़ी कि अपने दोस्त को ही मौत की नींद सुलाने के लिए आरोपी दोस्त ने हुस्न का जाल बिछाया और फिर अपने पुराने दोस्त को सजा ए मौत दे दी।
जबलपुर के बरगी थाना क्षेत्र के बरगी बांध के समीप नहर में 26 अगस्त को एक युवक की लाश मिली। मामला पुलिस के संज्ञान में आया पुलिस की टीमें मौके पर पहुंची और लाश को पानी से निकालकर शिनाख्ति की गई तो मृतक की पहचान रांझी निवासी 26 वर्षीय नितेश विश्वकर्मा के रूप में हुई। एक दिन पहले 25 अगस्त को नितेश की SUV कार भी घटना स्थल से 5 किलोमीटर दूर पुलिस को मिली थी। पुलिस और FSL की टीम को कार के आसपास और लाश की बारीकी से जांच में मामला हत्या का प्रतीत हुआ और मृतक की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद यह बात पुख्ता हो गई कि नितेश की मौत सिर में गंभीर चोट लगने से हुई। मामले में हत्या का प्रकरण दर्ज किया गया और बरगी नगर और रांझी, दोनों थानों की पुलिस टीम ने इस हत्याकांड की बारीकी से जांच शुरू की।
Jabalpur News: प्रारंभिक जांच और मृतक नितेश के फोन कॉल डिटेल पुलिस ने खंगाले तो साथ ही नितेश की बैकग्राउंग प्रोफाइल में पुलिस को जानकारी लगी कि वह बिल्डिंग मटेरियल सप्लाई का कारोबार अपने दोस्त रमनदीप के साथ पार्टनरशिप में करता था, लेकिन कुछ दिनों से दोनों अलग अलग कारोबार करने लगे थे। वहीं कॉल डिटेल में एक युवती से बातचीत की जानकारी पर मामला बेहद पेचिदा हो गया। पुलिस की टीमों ने नितेश के घर से निकलने और बरगी नहर के किनारे पहुंचने तक 50 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगाल कर लोकेशन की जानकारी ली, जिसमें एक निजी होटल की इवेंट मैनेजर युवती के साथ नितेश का बरगी नहर जाने की बात सामने आई।
पुलिस ने मोबाइल नंबर और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर होटल की इवेंट मैनेजर मीनाक्षी कपूर को हिरासत में लिया और पूछताछ की तो सारी गुत्थी सुलझ गई। 22 वर्षीय मीनाक्षी कपूर ने हत्याकांड के मास्टर माइंड और नितेश के पुराने दोस्त रमनदीप के कहने पर नितेश से पहले दोस्ती की और अपने हुस्न के जाल में फंसा कर उसे बरगी बांध घूमने के बहाने से नहर के किनारे तक ले गई। जहां मीनाक्षी ने नितेश को पहले शराब पिलाई और फिर रमनदीप को ड्राइवर तौकीर खान को लाइव लोकेशन भेजकर नहर पर बुलाया जहां पहुंचने के बाद तौकीर ने नितेश के सिर ने रॉड से वार करके घायल किया और बेहोश होने पर नहर में बहा दिया, इतना ही नहीं मीनाक्षी और तौकीर में मिलकर नितेश की कार में शराब की बोतलों को कुछ ऐसा रखा जिससे मामला अधिक शराब पीने की वजह से नहर में गिर जाने से नितेश की मौत होना प्रतीत हो।
मीनाक्षी कपूर को गिरफ्तार करने के बाद पुलिस ने नितेश के पार्टनर और पुराने दोस्त रमनदीप सिंह समेत ड्राइवर तौकीर खान को गिरफ्तार कर लिया। इस हत्याकांड के खुलासे में पुलिस ने हत्या की मुख्य वजह के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि नितेश विश्वकर्मा और रमनदीप पुराने दोस्त थे। दोनों पार्टनरशिप में बिल्डिंग मटेरियल सप्लाई का कारोबार शुरू किया था। दोनों ने मिलकर दो सेकेंड हैंड हाईवा खरीदा था, लेकिन काम अच्छा नहीं चलने और हाइवा गाड़ियों की किस्त की रकम बढ़ने के साथ साथ दोनों के बीच 10 से 20 लाख का हिसाब बाकी होने की बात पर रमनदीप ने नितेश से पैसे मांगे, लेकिन नितेश ने पैसे देने से मना कर दिया। इसी बात के कारण दोनों के बीच में मनमुटाव हुआ और रमनदीप ने नितेश को मारने का प्लान बनाया। जहां उसने अपनी दोस्त मीनाक्षी कपूर और ड्राइवर तौकीर खान को 50 – 50 हजार रुपए देने की बात पर तैयार किया।
मीनाक्षी ने नितेश को पहले अपने झूठे प्रेम जाल में फंसाया और उसकी हत्या करवाने के लिए मीनाक्षी ही घूमने के बहाने नहर के किनारे तक साथ लेकर गई। व्यापार में घाटा और रुपए के लेन देन को लेकर बचपन की दोस्ती दुश्मनी में बदल गई और अपने ही दोस्त की हत्या करवाने के लिए रमनदीप ने बेहद चालाकी से सारी चाल चली, लेकिन वह यह भूल गया जब जब अपराध होता है तो पीछे उसके निशान छूट ही जाते हैं, तो वहीं इस पूरे घटनाक्रम से किसी शायर की वो लाइन भी याद आ गई कि बाप बड़ा न भैया सबसे बड़ा रुपैया।