Guna Gang Rape Case: हवस की आग में दरिंदा बना भाई, दोस्तों के साथ मिलकर बहन से की दरिंदगी, रूह कंपा देगी वारदात

Guna Gang Rape Case: गुना से एक दहला देने वाली वारदात सामने आई है, जिले में नाबालिग लड़की से दरिंदगी की गई है।

Guna Gang Rape Case: हवस की आग में दरिंदा बना भाई, दोस्तों के साथ मिलकर बहन से की दरिंदगी, रूह कंपा देगी वारदात

Guna Gang Rape Case/Photo Credit: Social Media


Reported By: Neeraj Yogi,
Modified Date: June 28, 2026 / 11:10 am IST
Published Date: June 28, 2026 11:07 am IST
HIGHLIGHTS
  • गुना गैंगरेप मामले में फरार आरोपी सौरभ बैरागी को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा
  • मुख्य आरोपी अनिकेत बैरागी पहले ही गिरफ्तार हो चुका है, अन्य आरोपियों की तलाश जारी
  • 16 वर्षीय पीड़िता के बयान के आधार पर पॉक्सो एक्ट और बीएनएस की गंभीर धाराओं में मामला दर्ज

Guna Gang Rape Case: गुना से एक दहला देने वाली वारदात सामने आई है, जिले में नाबालिग लड़की से गैंगरेप मामले में पुलिस ने लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी सौरभ बैरागी को गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले का मुख्य आरोपी अनिकेत बैरागी पहले ही गिरफ्तार हो चुका है। पुलिस अब अन्य फरार आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है। (minor girl gang rape)

जानकारी के अनुसार, फतेहगढ़ थाना क्षेत्र से लापता हुई नाबालिग (Guna Gang Rape Case) के साथ आरोपियों ने गैंगरेप किया था। पीड़िता के बयानों के आधार पर पुलिस ने पॉक्सो एक्ट सहित बीएनएस की गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया है। 7 मार्च को पीड़िता के लापता होने के बाद 9 मार्च को केस दर्ज हुआ था। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए 11 मार्च को किशोरी को खोज निकाला। मुख्य आरोपी अनिकेत को तत्काल गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। अब पुलिस फरार अन्य सहयोगियों की तलाश में जुटी है। इस कार्रवाई में फतेहगढ़ थाना पुलिस और साइबर सेल की भूमिका महत्वपूर्ण रही। आरोपी सौरभ को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है।

भाई ही बने हैवान

Guna Gang Rape Case पुलिस ने 11 मार्च को किशोरी को बरामद किया, लेकिन मुख्य आरोपी के सहयोगी को पकड़ने में पुलिस को साढ़े तीन माह का लंबा वक्त लगा। हैरानी की बात यह है कि आरोपी और पीड़िता के बीच के संबंध और पारिवारिक पृष्ठभूमि होने के बावजूद इतनी वीभत्स वारदात को अंजाम दिया गया, कोई सोच भी नहीं सकता। अब पूरे मामले में पीड़िता को न्याय दिलाने की चुनौती पुलिस और कोर्ट के सामने है। क्या पॉक्सो एक्ट के तहत आरोपियों को कठोरतम सजा मिलेगी? अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि शेष बचे आरोपियों की गिरफ्तारी कब तक होती है और कोर्ट इस मामले में क्या सख्त रुख अपनाता है।

 

 

 

 

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लेखक के बारे में

सवाल आपका है... 9 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. पिछले 7 सालों से डिजिटल मीडिया से जुड़े हुए हैं और कई मीडिया संस्थानों में अपना योगदान दिया है. इन्होंने कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में मास्टर की डिग्री ली है.