Reported By: Nasir Gouri
,ग्वालियरः Gwalior Chamber of Commerce Elections: मध्य प्रदेश के सबसे पुराने चेंबर ऑफ कॉमर्स में वर्चस्व की जंग छिड़ गई है। ग्वालियर के MPCCI चुनाव में सियासी दखल साफ दिख रहा है। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया समर्थक प्रवीण अग्रवाल निर्दलीय मैदान में उतर गए हैं। उनका मुकाबला विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर समर्थक पारस जैन से है। सियासी गलियारों में चर्चा है कि ये लड़ाई चेंबर की नहीं, सीधे तौर पर तोमर और सिंधिया के बीच है।
Gwalior Chamber of Commerce Elections: 1906 में स्थापित MPCCI यानी मध्य प्रदेश चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री पर अब तक सिंधिया समर्थकों का कब्जा रहा है। लेकिन इस बार समीकरण बदल गए। नरेंद्र सिंह तोमर खेमे ने पारस जैन को मैदान में उतार दिया। जवाब में सिंधिया समर्थक प्रवीण अग्रवाल निर्दलीय खड़े हो गए। दोनों ही प्रत्याशी व्यापारियों से लगातार संपर्क कर रहे हैं। चेंबर से जुड़कर व्यापारियों के लिए किए काम गिना रहे हैं और आगे का रोडमैप बता रहे हैं। ग्वालियर के व्यापारी इसे चेंबर के इतिहास का सबसे रोचक चुनाव बता रहे हैं। वजह साफ है – दोनों प्रत्याशी दो बड़े सियासी क्षत्रपों से जुड़े हैं। ऐसे में इस चुनाव पर तोमर और सिंधिया दोनों की साख दांव पर लगी है। MPCCI के आज 3500 से ज्यादा पंजीकृत सदस्य हैं। ये राज्य की सबसे प्रतिष्ठित व्यापारिक संस्था मानी जाती है।
118 साल पुराना ये चेंबर अब तक सियासत से दूर रहा है। लेकिन इस बार चुनाव में सीधे तौर पर दो केंद्रीय नेताओं के समर्थक आमने-सामने हैं। व्यापारी भी बंटे नजर आ रहे हैं। कोई कह रहा है व्यापार के मुद्दे जरूरी हैं, तो कोई इसे प्रतिष्ठा की लड़ाई बता रहा है। 17 जुलाई को वोटिंग है और नतीजा बताएगा कि चेंबर पर किसका वर्चस्व रहता है – सिंधिया का या तोमर का। बहरहाल ग्वालियर के MPCCI चुनाव में तोमर बनाम सिंधिया की जंग छिड़ गई है। ज्योतिरादित्य सिंधिया समर्थक प्रवीण अग्रवाल निर्दलीय मैदान में हैं। उनका मुकाबला नरेंद्र सिंह तोमर समर्थक पारस जैन से है। सियासी गलियारों में इसे दो क्षत्रपों की लड़ाई बताया जा रहा है। 3500 सदस्यों वाले चेंबर का चुनाव 17 जुलाई को है। व्यापारी इसे इतिहास का सबसे रोचक चुनाव बता रहे हैं। अब देखना यहीं, होगा। व्यापारियों के राजनीतिक छांव में चल रहे, इस चुनाव में कौन किसको पटखनी देता है।