Gwalior Fraud Case: सरकारी नौकरी के नाम पर बड़ा फ्रॉड, इस विभाग में नियुक्ति का झांसा देकर लाखों ऐठता रहा आरोपी, 6 लोगों से ठगी कर हुआ फरार

Gwalior Fraud Case: सरकारी नौकरी के नाम पर बड़ा फ्रॉड, इस विभाग में नियुक्ति का झांसा देकर लाखों ऐठता रहा आरोपी, 6 लोगों से ठगी कर हुआ फरार

Gwalior Fraud Case: सरकारी नौकरी के नाम पर बड़ा फ्रॉड, इस विभाग में नियुक्ति का झांसा देकर लाखों ऐठता रहा आरोपी, 6 लोगों से ठगी कर हुआ फरार

Gwalior Fraud Case/Image: AI Generated

Modified Date: May 20, 2026 / 03:33 pm IST
Published Date: May 20, 2026 3:29 pm IST
HIGHLIGHTS
  • उद्यानिकी विभाग में नौकरी दिलाने के नाम पर 7.75 लाख की ठगी
  • आरोपी ने 6 लोगों से बैंक और फोनपे के जरिए पैसे लिए
  • पुलिस ने 14 महीने बाद आरोपी के खिलाफ अमानत में खयानत का केस दर्ज किया है

Gwalior Fraud Case: ग्वालियर में सरकारी नौकरी का सपना दिखाकर ठगी का बड़ा मामला सामने आया है। उद्यानिकी विभाग में माली की नौकरी दिलाने का झांसा देकर एक जालसाज ने 6 लोगों से 7.75 लाख रुपए ऐंठ लिए। आरोपी ने बैंक खाते और फोनपे से पैसा लेने के बाद कहा कि नियुक्ति पत्र आने वाला है चुपचाप इंतजार करो। साल भर से ज्यादा इंतजार के बाद भी नौकरी नहीं मिली तो पीड़ितों ने पुलिस से शिकायत की। अब 14 महीने बाद गिरवाई थाना पुलिस ने आरोपी राजू भवानी के खिलाफ अमानत में खयानत का केस दर्ज किया है।

कई लोग बने ठगी के शिकार

दअरसल पूरा मामला ग्वालियर (Gwalior Fraud Case) के गिरवाई थाना क्षेत्र का है। पंचशील नगर, छिंदवाड़ा निवासी वर्षा वर्मन ने बताया कि चार साल पहले मध्यप्रदेश उद्यानिकी एवं खाद्य विभाग में माली यानी कुशल श्रमिक का प्रशिक्षण दिया था। प्रशिक्षण के दौरान विभाग ने नौकरी देने का भरोसा भी दिलाया था। लेकिन नौकरी नहीं मिलने पर प्रशिक्षुओं ने भोपाल और ग्वालियर में आंदोलन किया था। आंदोलन के दौरान ही वर्षा की मुलाकात पटियावाला मोहल्ला, सिकंदर कंपू निवासी राजू भवानी उर्फ राजकुमार अहिरवार से हुई। राजू ने खुद की उद्यानिकी विभाग में अच्छी पहचान होने का दावा किया और माली की नौकरी लगवाने का भरोसा दिलाया। आरोपी ने वर्षा के अलावा रविंद्र रजक निवासी जतारा टीकमगढ़, संजय चढ़ार निवासी माडूमर, हरिनारायण भट्ट, उनके भाई कैलाश भट्ट निवासी कुंज चकरा टीकमगढ़ और अर्जुन गौड़ निवासी करौंदी दमोह को भी झांसे में लिया। राजू ने सभी को पटियावाला मोहल्ला स्थित अपने घर बुलाया और कहा कि जिसे माली बनना है वह 2.75 लाख रुपए दे दे। नौकरी दिलाने की पूरी जिम्मेदारी उसने खुद ली।

जल्द ही नियुक्ति पत्र आ जाएंगे: ठग

पीड़ितों के मुताबिक राजू और उसकी पत्नी रोशनी के बैंक ऑफ इंडिया के खाते और फोनपे अकाउंट में कुल 7.75 लाख रुपए जमा कराए गए। पैसा लेने के बाद राजू ने सबको चुप रहने की हिदायत दी और कहा कि जल्द ही नियुक्ति पत्र आ जाएंगे। महीनों बीत गए लेकिन नियुक्ति पत्र नहीं आया। जब पीड़ितों ने राजू से संपर्क किया तो वह टालमटोल करने लगा। बार-बार पूछने पर भी संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इसके बाद सभी को ठगी का अहसास हुआ। पीड़ितों ने जब पैसा वापस मांगा तो आरोपी ने पल्ला झाड़ लिया। इसके बाद सभी ने मिलकर गिरवाई थाना पुलिस से शिकायत की। पुलिस के मुताबिक आरोपी ने बैंक खातों और डिजिटल पेमेंट के जरिए रकम ली है। पुलिस अब बैंक ट्रांजैक्शन और फोनपे डिटेल्स खंगाल रही है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपी पहले भी लोगों को सरकारी नौकरी का झांसा दे चुका है। सरकारी नौकरी की चाह में 6 परिवारों की मेहनत की कमाई डूब गई। 14 महीने बाद केस दर्ज हुआ है, लेकिन आरोपी अब भी पुलिस की पकड़ से बाहर है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

उद्यानिकी विभाग में अच्छी पहचान होने का दिया झांसा

शिकायतकर्ता वर्षा वर्मन ने बताया कि चार साल पहले मध्यप्रदेश उद्यानिकी एवं खाद्य विभाग (Gwalior Fraud Case) में माली यानी कुशल श्रमिक का प्रशिक्षण दिया था। प्रशिक्षण के दौरान विभाग ने नौकरी देने का भरोसा भी दिलाया था। लेकिन नौकरी नहीं मिलने पर प्रशिक्षुओं ने भोपाल और ग्वालियर में आंदोलन किया था। आंदोलन के दौरान ही वर्षा की मुलाकात पटियावाला मोहल्ला, सिकंदर कंपू निवासी राजू भवानी उर्फ राजकुमार अहिरवार से हुई। राजू ने खुद की उद्यानिकी विभाग में अच्छी पहचान होने का दावा किया और माली की नौकरी लगवाने का भरोसा दिलाया। आरोपी ने वर्षा के अलावा रविंद्र रजक निवासी जतारा टीकमगढ़, संजय चढ़ार निवासी माडूमर, हरिनारायण भट्ट, उनके भाई कैलाश भट्ट निवासी कुंज चकरा टीकमगढ़ और अर्जुन गौड़ निवासी करौंदी दमोह को भी झांसे में लिया।

राजू ने सभी को पटियावाला मोहल्ला स्थित अपने घर बुलाया और कहा कि जिसे माली बनना है वह 2.75 लाख रुपए दे दे। महीनों बीत गए लेकिन नियुक्ति पत्र (Gwalior Fraud Case) नहीं आया। जब पीड़ितों ने राजू से संपर्क किया तो वह टालमटोल करने लगा। बार-बार पूछने पर भी संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इसके बाद सभी को ठगी का अहसास हुआ। पीड़ितों ने जब पैसा वापस मांगा तो आरोपी ने पल्ला झाड़ लिया। इसके बाद सभी ने मिलकर गिरवाई थाना पुलिस से शिकायत की।

ग्वालियर DSP अन्नपूर्णा सिरसाम कि, पंचशील नगर निवासी वर्षा वर्मन सहित 6 लोगों ने शिकायत की है। आरोपी राजू भवानी ने माली की नौकरी दिलाने के नाम पर 7.75 लाख रुपए लिए थे। जांच के बाद आरोपी के खिलाफ धारा 406 अमानत में खयानत का केस दर्ज कर लिया गया है। आरोपी की तलाश की जा रही है।

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लेखक के बारे में

सवाल आपका है... 9 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. पिछले 7 सालों से डिजिटल मीडिया से जुड़े हुए हैं और कई मीडिया संस्थानों में अपना योगदान दिया है. इन्होंने कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में मास्टर की डिग्री ली है.