सिंधिया ने मध्यप्रदेश में नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों को ‘बकवास’ करार दिया

सिंधिया ने मध्यप्रदेश में नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों को 'बकवास' करार दिया

Modified Date: June 10, 2021 / 09:01 pm IST
Published Date: June 10, 2021 9:01 pm IST

ग्वालियर (मप्र), 10 जून (भाषा) राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मध्यप्रदेश में सत्तारूढ़ भाजपा के दिग्गज नेताओं की मुलाकातों के कारण पैदा हुई नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों को ‘‘बकवास’’ करार देते हुए बृहस्पतिवार को कहा कि राज्य सरकार का नेतृत्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ही करेंगे।

मध्यप्रदेश में नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों के बारे में प्रतिक्रिया मांगे जाने पर सिंधिया ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘मध्य प्रदेश सरकार के मुखिया शिवराज सिंह चौहान हैं। उनके नेतृत्व में सरकार ने पिछले 16 महीनों में कोरोना वायरस महामारी के बीच इस कठिन परिस्थिति में बेहतरीन प्रदर्शन किया है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘नेतृत्व परिवर्तन की चर्चाएं क्यों चल रही हैं, मुझे नहीं मालूम। लेकिन, मैं कोविड-19 से निपटने एवं पार्टी संगठन के विषय पर चर्चा करने के लिए भोपाल गया था और प्रदेश अध्यक्ष (विष्णुदत्त शर्मा), मुख्यमंत्री (शिवराज सिंह चौहान) और कई मंत्रियों के साथ बहुत लंबी एवं अच्छी चर्चा हुई। इसके बाद आज मैं ग्वालियर आया हूं।’’

सिंधिया ने कहा,‘‘चाहें मुख्यमंत्री हों या केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर या फिर मैं स्वयं, सभी लोग मिलकर काम कर रहे हैं। भाजपा हो या कांग्रेस, कामकाज में राजनीति नहीं होनी चाहिए, केवल जनता के विकास की बात होनी चाहिए।’’

उत्तरप्रदेश के कांग्रेस नेता जितिन प्रसाद के भाजपा में शामिल होने पर सिंधिया ने कहा, ‘‘हम दोनों ने मिलकर काम किया है और उनके भाजपा में शामिल होने से हमारे फिर से राजनीतिक संबंध बन गए हैं। उम्मीद है कि जितिन प्रसाद की क्षमताओं का पार्टी पूरा उपयोग करेगी।

ग्वालियर-चंबल में अवैध उत्खनन पर सिंधिया ने कहा कि वह शुरू से अवैध उत्खनन के खिलाफ रहे हैं और वह राज्य सरकार से कहेंगे कि अवैध उत्खनन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो, लेकिन जो लोग खनन की रॉयल्टी सरकार को दे रहे हैं, उनका संरक्षण भी सरकार करेगी। उन्होंने कहा कि यदि रॉयल्टी देने वाले अवैध उत्खनन करेंगे तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए।

कोविड की संभावित तीसरी लहर की तैयारी के बारे में उन्होंने कहा कि कोविड-19 की दूसरी लहर में प्रदेश सरकार ने बढ़िया काम किया और अब संभावित तीसरी लहर से निपटने की तैयारी भी हो रही है। सिंधिया ने कहा कि इसके साथ टीकाकरण भी होना चाहिए, क्योंकि कोरोना वायरस से लड़ने का एक हथियार, टीकाकरण है।

भाषा सं रावत सिम्मी

सिम्मी


लेखक के बारे में