Collector Sent Notice to Nursing Home: ग्वालियर: जिले में नर्सिंग होम्स एक्ट की अनदेखी कर क्लिनिक का संचालन करने वालों पर प्रशासन की नजर टेढ़ी हो गई है। जिला कलेक्टर के निर्देश पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने जिले के 392 नर्सिंग होम्स संचालकों को सख्त नोटिस जारी किया गया है।
सीएमएचओ ने पांच दिनों के भीतर में फायर सेफ्टी NOC, इलेक्ट्रिक ऑडिट कराने के निर्देश संचालकों को दिए है। दरअसल स्वास्थ्य महकमे को खबर मिली थी कि, जिले के कई नर्सिंग होम्स बिना फायर एनओसी के ही संचालित हो रहे है। प्रशासन ने इस सूचना पर गंभीरता दिखाते हुए सभी को नोटिस जारी किया है।
Collector Sent Notice to Nursing Home: नोटिस भेजे जाने के साथ ही सीएमएचओ ने फायर सेफ्टी एनओसी और इलेक्ट्रिक सर्टिफिकेट प्रस्तुत न करने पर आठ नर्सिंग होम के पंजीयन निरस्त कर दिए गए हैं। ग्वालियर के सीएमएचओ डॉक्टर सचिन श्रीवास्तव ने बताया कि जिले के नर्सिंग होम्स इंपेक्शन और जांच स्पेशल मेडिकल टीम के द्वारा कराया गया था। टीमों को निरीक्षण के दौरान उक्त आठ नर्सिंग होमों की फायर सेफ्टी एनओसी / इलेक्ट्रिक प्रमाणपत्र नहीं मिला। इस पर इन अस्पताल / नर्सिंग होम संचालकों को फायर सेफ्टी एनओसी या इलेक्ट्रिक सर्टिफिकेट सीएमएचओ दफ्तर में जमा करने के लिए भी बार-बार पत्राचार किया गया। बावजूद संचालकों ने इस और गंभीरता नहीं दिखाई।
❓1. ग्वालियर में नर्सिंग होम्स को नोटिस क्यों भेजा गया है?
ग्वालियर जिले में कई नर्सिंग होम्स बिना फायर सेफ्टी NOC और इलेक्ट्रिक ऑडिट के संचालित हो रहे थे। यह नर्सिंग होम एक्ट का उल्लंघन है। जिला कलेक्टर के निर्देश पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) ने ऐसे 392 नर्सिंग होम संचालकों को सख्त नोटिस जारी किया है, जिससे उन्हें नियमों का पालन करने के लिए बाध्य किया जा सके।
❓2. किन नर्सिंग होम्स पर कार्रवाई की गई है?
फायर सेफ्टी NOC और इलेक्ट्रिक प्रमाणपत्र बार-बार मांगने के बावजूद प्रस्तुत न करने पर 8 नर्सिंग होम्स का पंजीयन निरस्त कर दिया गया है। निरीक्षण के दौरान इन अस्पतालों में आवश्यक सुरक्षा दस्तावेज नहीं मिले, जिसके चलते यह कठोर कदम उठाया गया।
❓3. नर्सिंग होम संचालकों को कितने दिन में दस्तावेज जमा करने के निर्देश दिए गए हैं?
सभी नर्सिंग होम संचालकों को पाँच दिनों के भीतर फायर सेफ्टी NOC और इलेक्ट्रिक ऑडिट सर्टिफिकेट CMHO कार्यालय में जमा कराने के निर्देश दिए गए हैं। निर्धारित समयसीमा में दस्तावेज नहीं देने पर और नर्सिंग होम्स पर भी कड़ी कार्रवाई की जा सकती है।