ग्वालियर: Gwalior News: ग्वालियर शहर में डेंगू के बाद अब जापानी इंसेफेलाइटिस बीमारी का खतरा भी मंडराने लगा है। डबरा ब्लॉक के करियावटी गांव की 32 वर्षीय महिला में जापानी इंसेफेलाइटिस वायरस (जेईवी) की पुष्टि हुई है। महिला को जेईवी की पुष्टि के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम करियावटी गांव पहुंची और वहां लोगों का चेकअप किया।
Gwalior News: दरअसल करियावटी में रहने वाली सीमा नामक महिला तेज बुखार, सिर दर्द और उल्टी की शिकायत पर 2 सितंबर को न्यू जेएएच अस्पताल में भर्ती हुई थी। 9 सितंबर को जांच में उसे डेंगू होने की पुष्टि हुई थी। महिला के लक्षणों को देखकर डॉक्टरों ने उसका सैंपल जीआरएमसी के माइक्रोबायोलॉजी विभाग में जापानी इंसेफेलाइटिस वायरस की जांच के लिए भेजा था। 11 सितंबर को महिला को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई थी। बाद में रिपोर्ट आई जिसमें जापानी इंसेफेलाइटिस वायरस की पुष्टि हुई।
Gwalior News: इसके पहले 23 जनवरी को सागरताल की 15 वर्षीय युवती में भी जेई की पुष्टि हो चुकी है। जापानी इंसेफेलाइटिस मुख्य रूप से मच्छरों के काटने से फैलती है। ये मच्छर सूअरों, जंगली पक्षियों और घोड़ों जैसे जानवरों को खाकर संक्रमित होते हैं और फिर मनुष्यों में वायरस फैलाते हैं।