Anil Mishra Advocate News || Image- IBC24 News File
ग्वालियर: डॉक्टर भीमराव अंबेडकर का पोस्टर जलाने के आरोप में गिरफ्तार किए गए एडवोकेट अनिल मिश्रा को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर बेंच से बड़ी राहत मिली है। सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने उन्हें जमानत देते हुए तत्काल रिहा करने का आदेश जारी किया। (Anil Mishra Advocate News) अदालत ने स्पष्ट किया कि आरोपी को एक लाख रुपये के पर्सनल बॉन्ड और समान राशि की जमानत पर छोड़ा जाए। कोर्ट की इस टिप्पणी के बाद चार दिनों से जेल में बंद अनिल मिश्रा की रिहाई का रास्ता साफ हो गया।
दरअसल जहां सोशल मीडिया पर कथित रूप से ग्वालियर में अंबेडकर पोस्टर जलाने की घटना सामने आने के बाद साइबर थाना पुलिस ने कार्रवाई की थी। इस प्रकरण में अनिल मिश्रा समेत कुल आठ लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। उनकी गिरफ्तारी के बाद उन्हें 14 जनवरी तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने ग्वालियर पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए। अदालत ने कहा कि एफआईआर में जिन तथ्यों का उल्लेख किया गया है, उनके आधार पर अनिल मिश्रा को नोटिस देकर पूछताछ की जा सकती थी। (Anil Mishra Advocate News) हिरासत में लेना अंतिम विकल्प होना चाहिए था, जबकि इस मामले में प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया।
कोर्ट ने यह भी टिप्पणी की कि गिरफ्तारी से पहले वैधानिक प्रावधानों की अनदेखी हुई, जो व्यक्ति की स्वतंत्रता से जुड़ा संवेदनशील विषय है। हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि आरोपी को अवैध रूप से डिटेन किया गया। इसी आधार पर जमानत प्रदान की गई। (Anil Mishra Advocate News) हाईकोर्ट ने यह भी संकेत दिया कि निचली अदालत में अन्य सह-आरोपियों को भी राहत मिल सकती है, बशर्ते उनके मामलों में परिस्थितियां समान पाई जाती हों।
एफआईआर रद्द करने की मांग पर अलग सुनवाई अनिल मिश्रा की ओर से अदालत में यह भी कहा गया कि दर्ज की गई एफआईआर ही कानूनन टिकाऊ नहीं है। इस पर हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि एफआईआर निरस्त करने की मांग को अलग प्रक्रिया के तहत सुना जाएगा। (Anil Mishra Advocate News) फिलहाल अदालत ने जमानत याचिका पर निर्णय देते हुए रिहाई के आदेश दिए। इस दौरान कोर्ट की प्रोसिडिंग को सोशल मीडिया पर डालने के मामले में रजिस्ट्रार से शिकायत की गई है।
डॉ अम्बेडकर की तस्वीर जलाने वाले वकील अनिल मिश्रा को जमानत.. कोर्ट ने FIR को माना सही, लेकिन कस्टडी को गलत#anilmishra #gwalior @GwaliorPolice @CMMadhyaPradesh https://t.co/J2ok36nRSv
— IBC24 News (@IBC24News) January 7, 2026