Old Currency Scam: अगर आपके पास भी है ये खास नोट, तो मिलेंगे लाखों रुपए? सच्चाई जानकर आप भी रह जाएंगे दंग

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Old Currency Scam: अगर आपके पास भी है ये खास नोट, तो मिलेंगे लाखों रुपए? सच्चाई जानकर आप भी रह जाएंगे दंग

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  • Publish Date - July 23, 2026 / 12:52 PM IST,
    Updated On - July 23, 2026 / 12:53 PM IST

Old Currency Scam | Photo Credit; Ai

HIGHLIGHTS
  • 79 हजार की ठगी
  • इंस्टाग्राम रील देखकर फंसे ड्राइवर
  • धोखाधड़ी और आईटी एक्ट में FIR

ग्वालियर: Old Currency Scam ग्वालियर में सोशल मीडिया पर पुरानी करंसी को लाखों में खरीदने के विज्ञापन अब साइबर ठगी का नया जरिया बन गया हैं। इंस्टाग्राम पर ऐसी ही एक रील सोशल मीडिया पर देखकर पीएचई विभाग के ड्राइवर से ठगों ने घर बैठे पुराने नोट-सिक्के बेचने के नाम पर 79 हजार रुपये ऐंठ लिए। पीड़ित की शिकायत पर मुरार थाने में साइबर ठगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।

Old Currency Scam दअरसल मुरार थाना क्षेत्र के खुरैरी निवासी लोकेन्द्र सिंह किरार पीएचई विभाग में ड्राइवर हैं। लोकेन्द्र ने पुलिस को बताया कि वह इंस्टाग्राम पर रील देख रहे थे। “नितिन कुमार सिंह” नाम की आईडी पर पुराने जमाने के नोट और सिक्के महंगे दाम पर खरीदने की बात लिखी थी। उनके पास भी 5 और 1 रुपये के कुछ पुराने नोट रखे थे।

रील में दिए नंबर पर कॉल करते ही फोन उठाने वाले ने खुद को “ओल्ड कॉइन बायर कंपनी” का कर्मचारी बताया। उसने कहा कि घर की सारी पुरानी करंसी का फोटो भेजें, कंपनी कीमत तय करेगी। लेकिन पेमेंट से पहले 550 रुपये फीस जमा करनी होगी। लोकेन्द्र ने दूसरे दिन नोटों के फोटो और पता भेज दिया। थोड़ी देर बाद मैसेज आया कि उनकी करंसी 62 लाख रुपये में बिकेगी। यह सुनकर उन्होंने 550 रुपये फीस ट्रांसफर कर दी। इसके बाद ठगी का खेल शुरू हुआ।

आरोपियों ने नोटों की गड्डी गिनते और पैसा पार्सल पैक करते हुए वीडियो भेजा। लेकिन रकम नहीं आई। फिर कॉल आया कि कंपनी का कर्मचारी पैसा लेकर भोपाल एयरपोर्ट पहुंचा है। भुगतान सिक्योरिटी चेक में फंस गया है। उसे छुड़ाने के लिए जीएसटी कार्ड बनवाना है। जिसके 10 हजार 300 रुपये भेजने होंगे। भरोसा कर लोकेन्द्र ने रकम भेज दी। इसके बाद भुगतान प्रक्रिया, क्यूआर कोड में दिक्कत और गेट पास के नाम पर ठगों ने उनसे 62 हजार 999 रुपये और ले लिए।

रात 9 बजे आखिरी कॉल आया कि कंपनी के कर्मचारी को साइबर पुलिस ने पकड़ लिया है। मामला नहीं सुलझाया तो खरीदार-विक्रेता सभी जेल जाएंगे। तब लोकेन्द्र को शक हुआ। उन्होंने तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत की। शिकायत के आधार पर मुरार थाने में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी और आईटी एक्ट में केस दर्ज किया गया है। साइबर सेल उन बैंक खातों और मोबाइल नंबरों की जांच कर रही है जिनमें रकम ट्रांसफर हुई।

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पुरानी करंसी बेचने के नाम पर ठगी कैसे होती है?

सोशल मीडिया पर विज्ञापन देकर पहले फीस और फिर अलग-अलग बहानों से पैसे वसूले जाते हैं।

पीड़ित ने कितनी रकम गंवाई?

कुल 79 हजार रुपये।

शिकायत कहां दर्ज की गई?

साइबर हेल्पलाइन 1930 और मुरार थाने में।