India AI Impact Summit 2026: 5 दिवसीय एआई इम्पैक्ट एक्सपो में शामिल हुए AI इंजीनियरिंग उज्ज्वल चड्ढा, कहा- ‘AI प्रोडक्ट्स ने मेरा दिमाग हिला दिया’
India AI Impact Summit 2026: 5 दिवसीय एआई इम्पैक्ट एक्सपो में शामिल हुए AI इंजीनियरिंग उज्ज्वल चड्ढा, कहा- 'AI प्रोडक्ट्स ने मेरा दिमाग हिला दिया'
India AI Impact Summit 2026 | Photo Credit: IBC24 Customize
- भारत में बने 5 AI प्रोडक्ट्स ने वैश्विक स्तर पर ध्यान आकर्षित किया
- बिना इंटरनेट के चलने वाला AI और ऑटोनॉमस रोबोट्स सबसे ज्यादा चर्चा में रहे
- यह सम्मेलन भारत की AI क्षमता और नवाचार को दुनिया के सामने पेश कर रहा है
नई दिल्ली: 16 फरवरी से 20 फरवरी के बीच आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस का महाकुंभ भारत में आयोजित हो रहा है और इस 5 दिवसीय एआई महासम्मेलन India AI Impact Summit 2026 में टेक दिग्गजों के अलावा कई देशों के राजनीतिज्ञ और शीर्ष लीडर्स भी जुड़ रहे हैं। इस एआई इवेंट को शानदार और अभूतपूर्व रिस्पॉन्स मिल रहा है जिसकी झलक इवेंट में आयोजित भीड़ देखकर मिल जाती है। इस मौके पर AI इंजीनियरिंग लीड उज्ज्वल चड्ढा ने भी हिस्सा लिया और भारत में बने कुछ दिलचस्प AI प्रोडक्ट्स के बारे में बताया, जिन्होंने सचमुच सबका दिमाग हिला दिया।
India AI Impact Summit 2026 उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर एक पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने लिखा कि ‘मैंने आज AI इम्पैक्ट समिट में हिस्सा लिया। भारत में बने 5 AI प्रोडक्ट्स ने मेरा दिमाग हिला दिया’
5 AI प्रोडक्ट्स ने मेरा दिमाग हिला दिया:
1. एकास्क्राइब: एक डॉक्टर एक बिज़ी गांव के क्लिनिक में बिना कीबोर्ड छुए 5 मरीज़ों को देखता है। AI प्रिस्क्रिप्शन, हिस्ट्री और फाइलिंग को हैंडल करता है।
2. ओटोबॉट्स: भारत में बने ऑटोनॉमस रोबोट जो हॉस्पिटल में दवाइयां पहुंचा सकते हैं, खुद से लिफ्ट और कोऑर्डिनेटर में जा सकते हैं (अब परिवार के सदस्यों को फार्मेसी नहीं भागना पड़ेगा)।
3. सर्वम काज़: शानदार, भारत में बने AI चश्मे जो वही “देखते” हैं जो आप देखते हैं। वे सिर्फ़ रिकॉर्ड नहीं करते – वे बोन कंडक्शन के ज़रिए आपकी लोकल भाषा में आपको दुनिया समझाते हैं जैसे कोई जीनियस ट्रांसलेटर आपके कान में फुसफुसा रहा हो।
4. सर्वम एज: AI जो आपके फ़ोन पर बिना इंटरनेट के चलता है – जब आप बेसमेंट में होते हैं तब भी रियल-टाइम में 22 भाषाओं को ट्रांसलेट करता है।
5. मैनकोम्ब का “च्यूई”: AI वाला किचन अप्लायंस जो सचमुच आपका कचरा खाता है। यह गीले कचरे – हड्डियों, मांस और लिक्विड को रियल-टाइम AI सेंसर का इस्तेमाल करके कुछ ही घंटों में पोषक तत्वों से भरपूर “रीजेनसॉइल” में बदल देता है।
उज्ज्वल चड्ढा (Ujjwal Chadha) के बारे में
पूरी कहानी (हिंदी में):उज्ज्वल चड्ढा एक AI Engineering Lead हैं। उन्होंने अमेरिका में Microsoft की सिएटल ऑफिस में डेवलपर की नौकरी की, जहाँ उनकी सालाना सैलरी $250,000 (लगभग 2.5 लाख डॉलर या ₹2.26 करोड़) थी।फरवरी 2026 में उन्होंने ये… pic.twitter.com/6dVLdcke18— Shahid Mohammad🇮🇳 (@ShahidM20465595) February 14, 2026
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