इंदौर पेयजल त्रासदी : सड़कों पर उतरी कांग्रेस, मंत्री विजयवर्गीय और महापौर भार्गव से मांगा इस्तीफा
इंदौर पेयजल त्रासदी : सड़कों पर उतरी कांग्रेस, मंत्री विजयवर्गीय और महापौर भार्गव से मांगा इस्तीफा
इंदौर (मप्र), 11 जनवरी (भाषा) इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पेयजल से फैले उल्टी-दस्त के प्रकोप में 21 लोगों की मौत का दावा करते हुए कांग्रेस रविवार को शहर की सड़कों पर उतरी।
प्रमुख विपक्षी दल ने देश के सबसे साफ शहर में हुई इस घटना को लेकर बड़े विरोध प्रदर्शन के दौरान सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर तीखा हमला बोला और काबीना मंत्री कैलाश विजयवर्गीय व शहर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव के इस्तीफे की मांग की।
पेयजल त्रासदी को लेकर कांग्रेस ने शहर के बड़ा गणपति चौराहे से राजबाड़ा चौराहे तक ‘न्याय यात्रा’ निकाली। इस पैदल मार्च में प्रदेश के कई कांग्रेस विधायकों के साथ ही पार्टी के वरिष्ठ नेता शामिल हुए।
हाथों में तख्तियां थामे प्रदर्शनकारियों ने इस घटना के जिम्मेदार लोगों पर प्राथमिकी दर्ज करने की मांग भी की।
दूषित पेयजल से फैले उल्टी-दस्त के प्रकोप से लोगों की मौत के कारण सुर्खियों में आया भागीरथपुरा इलाका, राज्य के नगरीय विकास एवं आवास मंत्री विजयवर्गीय के विधानसभा क्षेत्र ‘इंदौर-1’ में आता है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने ‘न्याय यात्रा’ को संबोधित करते हुए कहा कि पिछले ढाई दशक के दौरान शहर में भाजपा के राज में विकास के नाम पर एक लाख करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं, लेकिन सत्तारूढ़ दल भागीरथपुरा के लोगों को पीने के लिए एक गिलास शुद्ध पानी तक नहीं दे सका।
उन्होंने कहा, ‘‘दूषित पेयजल के कारण भागीरथपुरा के 21 लोगों की मौत के लिए सूबे के मुख्यमंत्री मोहन यादव को इंदौर से माफी मांगनी चाहिए। यादव, इंदौर के प्रभारी मंत्री भी हैं।’’
पटवारी ने घोषणा की कि पेयजल को लेकर कथित बदइंतजामी के खिलाफ कांग्रेस जन जागरण करेगी और ‘वॉटर ऑडिट’ के तहत राज्य भर में पानी की शुद्धता भी जांचेगी।
उन्होंने भाजपा पर धर्म, कट्टरता और नफरत के नाम पर लोगों के वोट लेने का आरोप लगाया और सत्तारूढ़ दल की तुलना रावण से की।
पटवारी ने कहा कि भाजपा को अहंकार है कि वह चुनाव हार ही नहीं सकती और ऐसा ही घमंड रावण में भी था, लेकिन उसके अन्याय और अत्याचार के कारण भगवान राम ने लंका के राजा का वध कर दिया।
कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य दिग्विजय सिंह ने मांग की कि इंदौर की पेयजल त्रासदी की जांच मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के किसी वर्तमान न्यायाधीश से कराई जानी चाहिए और इस न्यायिक जांच के तहत जन सुनवाई भी होनी चाहिए।
राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘इस जांच में दोषी पाए जाने वाले लोगों को उचित सजा दी जानी चाहिए ताकि अन्य व्यक्तियों को भी नसीहत मिले।’’
सिंह ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के अवसर पर प्रदेश में रविवार को अलग-अलग संगठनों द्वारा हिंदू सम्मेलनों के आयोजन पर भी निशाना साधा।
उन्होंने कहा, ‘‘आखिर भागीरथपुरा की दर्दनाक घटना में हिंदू ही तो मरे हैं, तो क्या हिंदू सम्मेलनों के आयोजन को टाला नहीं जा सकता था? वे (आयोजक) इस देश में एक बार फिर से आग क्यों लगाना चाहते हैं?’
प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भी कांग्रेस की ‘न्याय यात्रा’ में भाजपा पर प्रहार किया। उन्होंने कहा, ‘‘भाजपा नेता बांग्लादेश के हिंदुओं की बात तो करते हैं, लेकिन उन्हें इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पेयजल से मरे हिंदुओं की कोई चिंता नहीं है।’’
सिंघार ने कहा कि पेयजल त्रासदी को लेकर अब तक कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं किया गया है क्योंकि भाजपा नेताओं की चमड़ी ‘‘मगरमच्छ की तरह मोटी’’ हो गई है।
भाषा हर्ष पवनेश नेत्रपाल
नेत्रपाल

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