इंदौर (मध्यप्रदेश), 14 जनवरी (भाषा) देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पेयजल के कारण फैले उल्टी-दस्त के प्रकोप से निपटने में जुटे स्वास्थ्य विभाग को बुधवार को डायरिया के तीन नये मरीज मिले। विभाग के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. माधव प्रसाद हासानी ने बताया कि भागीरथपुरा के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर डायरिया के तीन नये मरीज पहुंचे जिनका वहीं उपचार किया गया।
उन्होंने बताया कि भागीरथपुरा में गत 29 दिसंबर से उल्टी-दस्त का प्रकोप शुरू होने के बाद अब तक अस्पतालों में कुल 440 मरीजों को भर्ती किया गया जिनमें से 413 लोगों को स्वस्थ होने पर छुट्टी दे दी गई है।
सीएमएचओ के मुताबिक फिलहाल 27 मरीज अस्पतालों में भर्ती हैं जिनमें से आठ लोग गहन चिकित्सा इकाई (आईसीयू) में हैं।
प्रशासन ने भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने से फैले उल्टी-दस्त के प्रकोप में अब तक छह लोगों की मौत की आधिकारिक पुष्टि की है, जबकि स्थानीय नागरिकों ने इस प्रकोप के कारण छह माह के बच्चे समेत 23 मरीजों के दम तोड़ने का दावा किया है। मृतकों की तादाद को लेकर विरोधाभासी दावों के बीच, शहर के शासकीय महात्मा गांधी स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय की एक समिति के किए गए ‘डेथ ऑडिट’ की रिपोर्ट में संकेत दिया गया है कि भागीरथपुरा के 15 लोगों की मौत उल्टी-दस्त के प्रकोप से किसी न किसी तरह जुड़ी हो सकती है।
भाषा हर्ष जितेंद्र
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