इंदौर: Car Scam: इंदौर की परदेशीपुरा पुलिस ने एक ऐसे शातिर गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जो किराये पर ऐप के माध्यम से कार लेकर उन्हें बेचने, गिरवी रखने या फिर कम दाम पर किराए पर देने का काम करता था। पुलिस ने इस गिरोह के दो मुख्य आरोपियों हनीफ और मोइनुद्दीन को गिरफ्तार किया है और उनके कब्जे से लगभग दस फोर व्हीलर वाहन बरामद किए हैं।
Car Scam: फरियादी भवन सक्सेना ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी कि वह अपनी मारुति सुजुकी बलेनो कार को एक ऐप के माध्यम से किराए पर चलवाता है। उक्त ऐप के जरिए मोइनुद्दीन नामक व्यक्ति, जो सदर बाजार का निवासी है ने कार की बुकिंग की थी। कार का किराया एक दिन के लिए और बढ़ाने के अनुरोध के बाद, फरियादी को संदेह हुआ क्योंकि कार में लगा GPS अचानक निष्क्रिय हो गया था।
Car Scam: संदेह होने पर फरियादी ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर जांच शुरू की गई। पुलिस जांच के दौरान पता चला कि आरोपी कारों को किराए पर लेकर उन्हें किसानों और ग्रामीण इलाकों में सस्ते दामों पर बेच दिया करते थे। गिरोह के सदस्य अलग-अलग गांवों और देहात क्षेत्रों में इन वाहनों की बिक्री करते थे। पुलिस ने इस मामले में शामिल एक और आरोपी की पहचान होने की पुष्टि की है जिसकी तलाश की जा रही है।
इंदौर में एक गिरोह सक्रिय था जो ऐप के माध्यम से किराए पर कार लेकर उन्हें बेचने या गिरवी रखने का काम करता था। पुलिस ने इसमें दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है और 10 कारें जब्त की गई हैं।
"किराए पर ली गई कार को बेचना" क्या कानूनी अपराध है?
हाँ, किराए पर ली गई किसी भी संपत्ति को बेचना, धोखाधड़ी और आपराधिक विश्वासभंग की श्रेणी में आता है। यह आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत दंडनीय अपराध है।
पुलिस ने "इंदौर कार फ्रॉड केस" में कितने वाहन जब्त किए हैं?
इस गिरोह के पास से पुलिस ने अब तक लगभग 10 फोर व्हीलर वाहन बरामद किए हैं, जिन्हें अलग-अलग इलाकों में बेचा गया था।
क्या "मोइनुद्दीन और हनीफ" गिरोह के मुख्य आरोपी हैं?
जी हाँ, पुलिस जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि मोइनुद्दीन और हनीफ इस गिरोह के मुख्य सूत्रधार हैं। उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजा गया है।
"ऐप से कार बुकिंग कर धोखाधड़ी" रोकने के लिए क्या सावधानियां बरतनी चाहिए?
विश्वसनीय ऐप या कंपनी से ही बुकिंग लें ग्राहक का आधार/पहचान पत्र अनिवार्य रूप से लें GPS ट्रैकिंग सक्रिय रखें वाहन की लाइव लोकेशन नियमित जांचें संदिग्ध व्यवहार की स्थिति में तुरंत पुलिस को सूचित करें