Indore Bal Vivah News: दादा ने कराई 13 साल की पोती की 42 साल के युवक से शादी, सुहागरात से पहले ही हो गया बड़ा कांड, धरे रह गए सारे अरमान

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Indore Bal Vivah News: दादा ने कराई 13 साल की पोती की 42 साल के युवक से शादी, सुहागरात से पहले ही हो गया बड़ा कांड, धरे रह गए सारे अरमान

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  • Publish Date - May 22, 2026 / 09:56 AM IST,
    Updated On - May 22, 2026 / 09:57 AM IST

Indore Bal Vivah News: दादा ने कराई 13 साल की पोती की 42 साल के युवक से शादी, सुहागरात से पहले ही हो गया बड़ा कांड, धरे रह गए सारे अरमान / Image: AI generated

HIGHLIGHTS
  • बाल विवाह का सनसनीखेज मामला सामने आया
  • नाबालिग लड़की की शादी 42 वर्षीय युवक से कराने का आरोप
  • दादा ने पोते की शादी तय कराने के लिए पोती का रिश्ता दूसरी तरफ देने की कथित सहमति दी

इंदौर: Indore Bal Vivah News बाल विवाह रोकने के लिए सरकार और प्रशासन हर संभव कोशिश कर रही है, बावजूद इसके नाबालिकों की शादी के मामले थमने का नाम ही नहीं ले रहे हैं। हैरानी की बात तो ये है कि लगातार जागरूकता अभियान चलाने के बाद भी माता-पिता खुद अपने बच्चों की जिंदगी नर्क बनाने में लगे हुए हैं। ऐसा ही एक मामला मध्यप्रदेश के इंदौर से सामने आया है, जहां दादा ने पोते का रिश्ता तय करने के लिए महज 13 साल की पोती की कुर्बानी दे दी। तो चलिए जानते हैं क्या है पूरा मामला?

13 साल की नाबालिग की 42 साल के युवक से शादी

Indore Bal Vivah News दरअसल मामला राऊ थाना क्षेत्र के ग्राम रंगवासा का है, जहां रहने वाले एक बुजुर्ग अपने पोते की शादी के लिए रिश्ते की तलाश कर रहे थे। इसी दौरान उन्हें एक ऐसा शख्स मिला जिन्होंने पोते को अपनी बेटी देने के लिए रजामंदी दे दी, लेकिन उनकी शर्त थी कि उनके बेटे के लिए वो अपनी पोती का कन्यादान करेंगे। पोते के मोह में दादा बह गए और उन्होंने महज 13 साल की पोती का रिश्ता 42 साल के युवक से तय कर दी। लेकिन 13 साल की नाबालिग की शाद हो पाती इससे पहले जिला प्रशासन की टीम को इस बात की भनक लग गई।

पोते की शादी के लिए दादा ने दी पोती की कुर्बानी

बताया गया कि महिला एवं बाल विकास विभाग को पहले ही गांव में दो भाई-बहन के विवाह की सूचना मिली थी, जिसके बाद कलेक्टर के निर्देश पर बाल विवाह रोकथाम को लेकर गठित उड़नदस्ता टीम लगातार निगरानी कर रही थी। उड़नदस्ता प्रभारी महेंद्र पाठक को जो अंकसूचियां उपलब्ध कराई गई थीं, उनका परीक्षण जिला शिक्षा अधिकारी के माध्यम से कराया गया। जांच में सामने आया कि जो दस्तावेज प्रस्तुत किए गए थे, वे फर्जी थे। संबंधित स्कूल ने स्पष्ट किया कि ना तो उक्त अंकसूची उनके विद्यालय से जारी की गई और ना ही बालक-बालिका वहां अध्ययनरत रहे हैं। इसके बाद उड़नदस्ता टीम ने ग्राम रंगवासा पहुंचकर बाल विवाह रुकवा दिया था।

मंदिर में गुपचुप तरीके से कराई शादी

वहीं, दादा ने प्रशासन की आंखों में धूल झोंकते हुए नाबालिग को रातों-रात उज्जैन ले आए और यहां 26 अप्रैल की रात चिंतामण गणेश मंदिर के बाहर गुपचुप तरीके से दोनों की शादी करवा दी। इतना ही नहीं प्रशासन को भनक ना लगे इसलिए नाबालिग को वापस घर छोड़ दिया। लेकिन कहते हैं ना कि बात निकली है तो दूर तलक जाएगी, ऐसा ही हुआ और प्रशासन को कलयु​गी दादा की करतूतों की खबर लग गई। मामले की जानकारी सामने आने के बाद उड़नदस्ता प्रभारी महेंद्र पाठक ने राऊ थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर 42 वर्षीय दूल्हे, वधू और वर पक्ष के परिजनों सहित शादी समारोह में शामिल कुल 13 लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज किया है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।

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इंदौर में बाल विवाह का मामला क्या है?

राऊ थाना क्षेत्र के ग्राम रंगवासा में एक 13 वर्षीय नाबालिग लड़की की शादी 42 वर्षीय युवक से कराने का मामला सामने आया है, जिस पर पुलिस ने कार्रवाई शुरू की है।

इस मामले में दादा की क्या भूमिका बताई जा रही है?

आरोप है कि दादा ने अपने पोते की शादी तय कराने के लिए पोती का रिश्ता दूसरी तरफ देने की सहमति दी थी।

प्रशासन को इस शादी की जानकारी कैसे मिली?

महिला एवं बाल विकास विभाग को गांव में बाल विवाह की सूचना मिली थी, जिसके बाद उड़नदस्ता टीम निगरानी कर रही थी और दस्तावेजों की जांच कराई गई।

जांच में क्या खुलासा हुआ?

जांच के दौरान शादी के लिए प्रस्तुत अंकसूचियां और दस्तावेज फर्जी पाए गए। संबंधित स्कूल ने स्पष्ट किया कि ये दस्तावेज उनके द्वारा जारी नहीं किए गए थे।

क्या प्रशासन ने पहले विवाह रुकवा दिया था?

हाँ, उड़नदस्ता टीम ने गांव पहुंचकर बाल विवाह को रुकवा दिया था।