इंदौर: MLA Golu Shukla Statement: मध्यप्रदेश के इंदौर शहर में बीजेपी विधायक गोलू शुक्ला ने एक कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि इंदौर और उनकी विधानसभा क्षेत्र में जो भी पाकिस्तानी और बांग्लादेशी नागरिक हैं उन्हें तुरंत पाकिस्तान और बांग्लादेश वापस जाना होगा। उन्होंने यह बयान हाल ही में हुए आतंकी हमलों और देश में बढ़ते सुरक्षा संकट के संदर्भ में दिया।
MLA Golu Shukla Statement: गोलू शुक्ला ने कहा की हमारी पार्टी की कार्यकर्ताओं की टीम दो दिन बाद इन नागरिकों को खोजने के लिए निकल पड़ेगी। अगर हमें ऐसे लोग मिलते हैं तो हम उन्हें यहां से भगाने का काम करेंगे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह कदम शहर और राज्य की सुरक्षा के लिए आवश्यक है और ऐसे लोगों को अब और बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
MLA Golu Shukla Statement: साथ ही विधायक शुक्ला ने सराफा व्यापारियों से भी अपील की है की अगर उनके यहां कोई बांग्लादेशी नागरिक काम कर रहे हैं, तो उन्हें तुरंत वापस भेज दिया जाए। उनका कहना था जो घटनाएं देश में हुई हैं, हम उन्हें सहन नहीं कर सकते और पाकिस्तान और बांग्लादेशी नागरिकों का इंदौर में रहना राज्य और देश की सुरक्षा के लिए खतरे की घंटी हो सकता है।
बीजेपी विधायक गोलू शुक्ला ने पाकिस्तानी और बांग्लादेशी नागरिकों के बारे में क्या बयान दिया?
बीजेपी विधायक गोलू शुक्ला ने कहा कि इंदौर और उनकी विधानसभा क्षेत्र में रहने वाले पाकिस्तानी और बांग्लादेशी नागरिकों को तुरंत पाकिस्तान और बांग्लादेश वापस जाना होगा, और अगर वे नहीं जाते, तो बीजेपी कार्यकर्ता उन्हें ढूंढकर बाहर करेंगे।
गोलू शुक्ला ने सराफा व्यापारियों से क्या अपील की?
गोलू शुक्ला ने सराफा व्यापारियों से अपील की कि यदि उनके यहां कोई बांग्लादेशी नागरिक काम कर रहे हैं, तो उन्हें तुरंत वापस भेज दिया जाए।
गोलू शुक्ला का यह बयान किस संदर्भ में था?
यह बयान हाल ही में हुए आतंकी हमलों और देश में बढ़ते सुरक्षा संकट के संदर्भ में दिया गया था।
गोलू शुक्ला ने कहा कि बीजेपी कार्यकर्ता किस काम के लिए बाहर निकलेंगे?
गोलू शुक्ला ने कहा कि बीजेपी कार्यकर्ता दो दिन बाद पाकिस्तानी और बांग्लादेशी नागरिकों को ढूंढने के लिए बाहर निकलेंगे, और यदि ऐसे लोग मिलते हैं, तो उन्हें यहां से बाहर करने का काम करेंगे।
गोलू शुक्ला का बयान इंदौर और राज्य की सुरक्षा पर कैसे असर डालेगा?
गोलू शुक्ला का बयान इंदौर और राज्य की सुरक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से था, ताकि पाकिस्तानी और बांग्लादेशी नागरिकों की उपस्थिति से उत्पन्न होने वाले सुरक्षा खतरे को रोका जा सके।