Reported By: Anshul Mukati
,Pahalgam Terror Attack Anniversary / Image Source : x
इंदौर : Pahalgam Terror Attack Anniversary आज 22 अप्रैल पहलगाम आतंकी हमला को एक साल पूरा होने जा रहा है। लेकिन वक्त का यह एक साल भी उन परिवारों के जख्म नहीं भर पाया, जिन्होंने उस दिन अपने अपनों को खो दिया। इस हमले में इंदौर के रहने वाले सुशील नथानियल की भी गोली लगने से मौत हो गई थी। आज भी उनका परिवार उस खौफनाक मंजर से उबर नहीं पाया है।
कश्मीर की खूबसूरत वादियों के बीच बसा पहलगाम जहां लोग सुकून और यादें बनाने जाते हैं, वहीं 22 अप्रैल 2025 को गोलियों की आवाज ने कई परिवारों की खुशियां छीन लीं। इस हमले में इंदौर के सुशील नथानियल भी आतंकियों का शिकार हो गए। आज पहलगाम हमले को 1 साल पूरा होने जा रहा है, एक साल पूरा होने पर भी पहलगाम हमले से प्रभावित परिवारों के जेहन में वह खौफनाक मंजर जिंदा है। पहलगाम आतंकी हमले में गोली लगने से इंदौर के सुशील नथानियल की भी मौत हुई थी।
22 अप्रैल का वह खौफनाक मंजर आज भी सुशील के परिवार के सदस्यों को याद है, सुशील के बेटे ऑस्टिन नथानियल ने यह बताया कि पापा का सपना था कि वह अलीराजपुर से ट्रांसफर होकर इंदौर आते और फिर मुझे पढ़ाई के लिए विदेश भेजते। सुशील के बेटे ने घटना के दिन को याद करते हुए कहा कि यदि मैं घुड़सवारी की जीत नहीं करता तो उस दिन पापा के पास होता। ऑस्टिन ने बताया कि वे लोग घटना के दिन जब पहलगाम गए थे, उसके पहले कई लोगों ने कश्मीर घूमने के लिए कहा था।
घटना का जिक्र करते हुए ऑस्टिन ने बताया कि सुशील अपने बेटे को फोन करने वाले थे लेकिन तभी एक व्यक्ति ने उन्हें फोन लगाने से सिर्फ इसलिए मना कर दिया था कि कहीं मोबाइल की घंटी बजती तो आतंकी बच्चों की तरफ दौड़ पड़ते। सुशील के बेटे ने बताया कि वह एक मददगार स्वभाव के थे इसलिए लोगों को निकलने में मदद करते रहे, लेकिन आखिरी में जब वह निकलते, उसके पहले ही आतंकियों का शिकार हो गए।
सुशील का परिवार अभी तक सदमे से उभर नहीं पाया है, सुशील की पत्नी जेनिफर अभी भी सदमे में हैं। ऑस्टिन के सामने अभी भी अपनी मां का ध्यान रखना सबसे बड़ी चुनौती है क्योंकि पहलगाम वाले मंजर अभी भी उन्हें याद रहते हैं।
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