जबलपुर, 19 जनवरी (भाषा) मध्यप्रदेश के जबलपुर में रविवार को हुए ‘हिट एंड रन’ प्रकरण में पांच श्रमिकों की मौत के बाद सोमवार को इस घटना के विरोध में ग्रामीणों ने जबलपुर-मंडला मार्ग पर शवों को रखकर प्रदर्शन किया। पुलिस के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।
उन्होंने यह भी बताया कि पुलिस ने घटना में इस्तेमाल कार के मालिक दीपक सोनी को हिरासत में लिया है और उससे पूछताछ कर रही है जबकि आरोपी कार चालक लखन सोनी की तलाश जारी है।
अधिकारी ने बताया कि प्रशासन और प्रदर्शनकारी ग्रामीणों के बीच लंबी बातचीत के बाद इस बात पर सहमति बनी कि मृतकों के परिजनों को 10-10 लाख रुपये की मुआवजा राशि दी जाएगी।
अधिकारी के अनुसार प्रदर्शन के कारण जबलपुर-मंडला मार्ग अवरूद्ध हो गया और इस कारण दोनों तरफ वाहनों की लम्बी कतार लग गई और यातायात व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई ।
मंडला जिले के निवास विधानसभा क्षेत्र के कांग्रेस विधायक चैन सिंह, मंडला कांग्रेस अध्यक्ष अशोक मर्सकोले और बीजाडांडी के जनपद पंचायत सदस्य राजेन्द्र पट्टा के नेतृत्व में ग्रामीणों ने बरेला टोल प्लाजा से पहले घटना स्थल पर एकत्र होकर चक्का जाम कर दिया।
ग्रामीणों ने घटना के विरोध में प्रशासन और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के विरोध में नारेबाजी की और आरोप लगाया कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी के कारण उक्त घटना हुई।
उन्होंने मृतकों के परिजनों के लिए एक सरकारी नौकरी तथा 25-25 लाख रुपये मुआवजे के तौर पर दिए जाने की मांग की।
ग्रामीणों से बातचीत के बाद एसडीएम अनुराग सिंह ने संवाददाताओं से कहा कि मृतकों के परिजनों को मुआवजे के रूप में 10-10 लाख रुपये और घायलों को दो-दो लाख रुपये दिए जाएंगे जबकि मामूली रूप से घायल हुए लोगों को एक-एक लाख रुपये की सहायता राशि दी जाएगी।
एक अधिकारी ने बताया कि प्रदर्शनकारियों के चले जाने के बाद अब जबलपुर-मंडला मार्ग पर जाम हट गया है।
इस बीच, पुलिस के एक अधिकारी ने बताया हिरासत में लिया गया कार मालिक दीपक सोनी सिहोरा के ग्राम पोंड़ा का रहने वाला है। कार कथित तौर पर उसका भाई लखन सोनी चला रहा था।
पुलिस ने लखन सोनी को जल्द गिरफ्तार कर लेने का दावा किया।
ज्ञात हो कि रविवार दोपहर तेज रफ्तार एक कार ने सड़क निर्माण कार्य में लगे 13 मजदूरों को कुचल दिया था, जिनमें से दो की मौके पर ही मौत हो गई जबकि तीन ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया ।
पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि आठ घायलों का अस्पताल में इलाज जारी है और इनमें से दो की हालत गंभीर बनी हुई है।
यह हादसा उस वक्त हुआ जब सिग्मा कॉलोनी के सामने एकता चौक के पास सड़क पर 24 से अधिक मजदूर काम कर रहे थे और इसके बाद वे दोपहर डेढ़ बजे भोजन करने लगे। इसी बीच बरेला से जबलपुर की तरफ आ रही तेज रफ्तार सफेद रंग की बिना नम्बर प्लेट की एक कार मजदूरों को रौंदते हुए निकल गई।
भाषा सं ब्रजेन्द्र राजकुमार
राजकुमार