Reported By: Indresh Suryavanshi
,Indore Crorepati Bhikhari/Image Source: IBC24
उज्जैन: Indore Crorepati Bhikhari: इंदौर को भिक्षुक मुक्त बनाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे अभियान के तहत इंदौर जिला प्रशासन लगातार कार्रवाई कर रहा है। इसी क्रम में शहर में भिक्षा मांगने के आरोप में पकड़े गए लोगों को उज्जैन स्थित सेवा धाम आश्रम भेजा जा रहा है। सोमवार को इसी कार्रवाई के तहत मांगीलाल नामक व्यक्ति को इंदौर जिला प्रशासन द्वारा उज्जैन के सेवा धाम आश्रम लाया गया। हालांकि, इस दौरान मांगीलाल ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए और स्वयं को भिक्षावृत्ति से जुड़ा होने से इनकार किया है।
Indore Crorepati Bhikhari: सेवा धाम आश्रम के संचालक सुधीर भाई गोयल ने बताया कि वर्ष 2024 से इंदौर को भिक्षुक मुक्त बनाने का संकल्प जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों द्वारा लिया गया है। चूंकि इंदौर माननीय मुख्यमंत्री का प्रभार क्षेत्र भी है, इसलिए इसे भिक्षुक मुक्त बनाना आवश्यक है। इसी अभियान के तहत लगातार भिक्षुकों को सेवा धाम आश्रम भेजा जा रहा है। सुधीर भाई गोयल ने कहा कि कई बार ऐसे लोग भी भिक्षावृत्ति में लिप्त पाए जाते हैं, जो आर्थिक रूप से सक्षम होते हैं। बिना मेहनत के पैसा मिलने से लोग भिक्षावृत्ति की ओर आकर्षित हो जाते हैं। उन्होंने बताया कि आश्रम में लाए गए मांगीलाल से पूछताछ में सामने आया है कि उसके पास कई मकान और वाहन हैं तथा उसे प्रतिदिन भिक्षावृत्ति से सैकड़ों रुपये की आय हो जाती है। हालांकि, मांगीलाल का कहना है कि लोग उसे स्वेच्छा से पैसे देते हैं, लेकिन आश्रम प्रबंधन इस दावे पर संदेह जता रहा है।
Indore Crorepati Bhikhari: गोयल ने यह भी कहा कि भिक्षावृत्ति को बढ़ावा देने वालों को भी दोषी माना जाना चाहिए। समाज जानता है कि भिक्षावृत्ति अपराध और पाप है, इसके बावजूद लोग भिक्षा देते हैं। ऐसे लोगों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि आश्रम में आने वाले कई भिक्षुक नशे के आदी होते हैं और गंभीर बीमारियों से ग्रस्त रहते हैं। आश्रम की ओर से उन्हें किसी न किसी कार्य में संलग्न करने का प्रयास किया जाता है, लेकिन कई लोग सहयोग नहीं करते। उन्होंने आशंका जताई कि मांगीलाल जैसे कुछ लोग करोड़पति होते हुए भी भिक्षावृत्ति कर रहे हैं। जिला प्रशासन द्वारा आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर दस्तावेज और शपथ पत्र लेने के बाद ही आश्रम से छोड़े जाने के निर्देश दिए जाते हैं।
Indore Crorepati Bhikhari: वहीं मांगीलाल ने खुद को भिक्षावृत्ति से जोड़ने के आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उसने बताया कि वह इंदौर का निवासी है और लॉकडाउन के बाद उसकी आर्थिक स्थिति खराब हो गई थी। पहले वह व्यवसाय करता था और उसके पास टवेरा, वैन और महिंद्रा पिकअप जैसे वाहन थे, जिन्हें बाद में मकान निर्माण के लिए बेच दिया गया। मांगीलाल के अनुसार वर्तमान में उसके पास दो ऑटो और एक डिजायर कार है, जो बुकिंग पर चलती है। वाहनों पर फाइनेंस है और जो भी कमाई होती है, उससे किश्त और मेंटेनेंस का खर्च निकलता है। उसने बताया कि उसे ब्याज से प्रतिदिन करीब 1100 से 1200 रुपये की आय होती है।
Indore Crorepati Bhikhari: परिवार के बारे में मांगीलाल ने बताया कि उसकी लगभग 100 वर्षीय मां है और एक भतीजा वाहन चलाने का काम संभालता है, जो उसके खाने-पीने की व्यवस्था भी करता है। उसने आरोप लगाया कि वह भिक्षावृत्ति नहीं करता और यदि कोई परिचित उसे स्वेच्छा से पैसे देता है तो उसे भीख नहीं कहा जा सकता। मांगीलाल का कहना है कि किसी ने मजाक में उसका वीडियो बना लिया, जिसके आधार पर उसे भिक्षुक मान लिया गया। बाद में रात में उसे जबरन उठाकर उज्जैन के सेवा धाम आश्रम छोड़ दिया गया। उसने दावा किया कि उसने अधिकारियों को बार-बार बताया कि वह भिक्षा नहीं मांगता, लेकिन उसकी बात नहीं सुनी गई।