Snake Catching New Rules: अब बिना परमिशन के नहीं पकड़ पाएंगे सांप! बैठक में लिया गया फैसला, जानें वन विभाग का नया नियम
Snake Catching New Rules: अब बिना परमिशन के नहीं पकड़ पाएंगे सांप! बैठक में लिया गया फैसला, जानें वन विभाग का नया नियम
Snake Catching New Rules/Image Source: symbolic
- सांप पकड़ने पर लगा नियमों का शिकंजा
- बिना परमिशन कार्रवाई,
- DFO देगा सर्टिफिकेट
जबलपुर: Snake Catching New Rules: मध्य प्रदेश के जबलपुर सहित नगरीय क्षेत्रों में अब सांप पकड़ने को लेकर सख्त नियम लागू किए जा रहे हैं। वन विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि अब बिना अनुमति कोई भी व्यक्ति सांप नहीं पकड़ सकेगा। इसके लिए संबंधित वन मंडल के डीएफओ से आधिकारिक अनुमति लेना अनिवार्य होगा।
अब बिना परमिशन नहीं पकड़े जाएंगे सांप (snake catching rules)
नई व्यवस्था के तहत केवल वही लोग सांप पकड़ पाएंगे, जिन्हें वन विभाग द्वारा प्रमाणित “सर्प विशेषज्ञ” का सर्टिफिकेट दिया जाएगा। यह फैसला राज्य वन्य प्राणी बोर्ड की बैठक में लिया गया जिसके बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वन विभाग को इसे लागू करने के निर्देश दिए हैं। इस पूरी प्रक्रिया को “सर्पा योजना” के तहत लागू किया जाएगा, जिसका उद्देश्य सांप पकड़ने की प्रक्रिया को सुरक्षित प्रशिक्षित और कानूनी बनाना है। दक्षिण भारत के कई राज्यों में पहले से इस तरह की व्यवस्था लागू है, और अब मध्य प्रदेश भी उसी दिशा में कदम बढ़ा रहा है।
Snake Catching New Rules: वन विभाग के अनुसार, बरसात के मौसम में शहरों में बड़ी संख्या में सांप निकलते हैं, जिससे लोगों में डर और अफरातफरी का माहौल बन जाता है। ऐसे में लोग स्थानीय स्तर पर उन व्यक्तियों को बुलाते हैं जो शौक या अनुभव के आधार पर सांप पकड़ते हैं, लेकिन इनके पास न तो कोई आधिकारिक अनुमति होती है और न ही प्रमाण-पत्र। ध्यान देने वाली बात यह है कि वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत बिना अनुमति सांप पकड़ना अपराध की श्रेणी में आता है। इसी कारण इस नई योजना के जरिए पूरे सिस्टम को वैध और व्यवस्थित बनाया जा रहा है।
वन विभाग का सख्त नया नियम लागू (Jabalpur snake rescue law)
Snake Catching New Rules: वन विभाग अब ऐसे लोगों की पहचान करेगा, उन्हें प्रशिक्षण देगा और प्रमाण-पत्र जारी करेगा। साथ ही, सांप पकड़ने के लिए एक मानक प्रक्रिया (Standard Operating Procedure) भी तय की जाएगी, ताकि न केवल लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित हो, बल्कि वन्य जीवों को भी नुकसान न पहुंचे। फिलहाल विभाग के पास लगभग 70 वन रक्षक सर्प विशेषज्ञ के रूप में मौजूद हैं, लेकिन शहरी क्षेत्रों में कार्यरत कई लोग अनौपचारिक रूप से यह काम कर रहे हैं। अब इन्हें भी प्रशिक्षण देकर आधिकारिक रूप से सूचीबद्ध किया जाएगा, जिससे जरूरत पड़ने पर आम लोग सुरक्षित और प्रमाणित मदद प्राप्त कर सकें।

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