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Conversion in Khargone Girls Hostel : इस हॉस्टल में लड़कियों से जबरन काम, धर्म परिवर्तन की कोशिश, वार्डन ने बाइबल पढ़ने मजबूर किया, BEO ने जांच के बाद की कार्रवाई
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इस हॉस्टल में लड़कियों से जबरन काम, धर्म परिवर्तन की कोशिश...Conversion in Khargone Girls Hostel: In this hostel girls were forced to work..
खरगोन : Conversion in Khargone Girls Hostel जिले के भीकनगांव ब्लॉक के छीर्वा स्थित आदिवासी बालिका छात्रावास में अधीक्षिका रीता खरते पर छात्राओं ने गंभीर आरोप लगाए हैं। कक्षा 4 और 5 की छात्राओं ने बताया कि उन्हें बर्तन धोने, गेहूं साफ करने जैसे कामों के लिए मजबूर किया जाता था, और रात में बाइबल पढ़ने और प्रार्थना करने के लिए भी दबाव डाला जाता था।
Conversion in Khargone Girls Hostel इस मामले में जब बच्चियां छात्रावास छोड़कर जिला कलेक्टर से मिलने के लिए जा रही थीं, तो गांव वालों ने उन्हें रोका और बच्चियों ने उन्हें अपनी परेशानी बताई। इसके बाद भीकनगांव के खंड शिक्षा अधिकारी दिनेश चंद्र पटेल ने छात्रावास का निरीक्षण किया और बच्चियों से बाइबल की किताबें और प्रार्थनाओं से भरी कॉपियां जप्त कीं। इसके बाद जन जातीय कार्य विभाग के सहायक आयुक्त प्रशांत आर्या ने बीईओ के प्रतिवेदन पर अधीक्षिका रीता खरते को निलंबित कर दिया। नई अधीक्षिका के रूप में संगीता यादव को नियुक्त किया गया है। इस मामले में जांच की जा रही है और यदि शिकायत सही पाई जाती है, तो ठोस कार्रवाई की जाएगी।
आदिवासी बालिका छात्रावास की अधीक्षिका पर क्या आरोप लगाए गए हैं?
छात्राओं ने आरोप लगाया है कि अधीक्षिका रीता खरते उन्हें बर्तन धोने और गेहूं साफ करने जैसे कामों के लिए मजबूर करती थीं और रात में बाइबल पढ़ने और प्रार्थना करने के लिए दबाव डालती थीं।
मामले की जांच किसने की?
मामले की जांच भीकनगांव के खंड शिक्षा अधिकारी दिनेश चंद्र पटेल ने की थी, और जांच में बाइबल की किताबें और प्रार्थनाओं से भरी कॉपियां प्राप्त की गईं।
क्या कार्रवाई की गई है?
बीईओ के प्रतिवेदन पर अधीक्षिका रीता खरते को निलंबित कर दिया गया है और मामले की जांच जारी है। नई अधीक्षिका के रूप में संगीता यादव को नियुक्त किया गया है।
क्या शिकायतें सही पाई जाती हैं, तो क्या कार्रवाई की जाएगी?
यदि जांच के बाद शिकायतें सही पाई जाती हैं, तो ठोस कार्रवाई की जाएगी, जैसा कि जन जातीय कार्य विभाग के सहायक परियोजना प्रशासक राजेंद्र रखौलिया ने कहा है।
बालिका छात्रावास में धार्मिक गतिविधियों को लेकर क्या किया गया था?
शिकायत के अनुसार, छात्राओं को बाइबल पढ़ने और प्रार्थना करने के लिए मजबूर किया जाता था, जो कि एक धार्मिक गतिविधि के तहत दबाव था।