खरगोन: Khargone News: खरगोन जिले बड़वाह थाना क्षेत्र में एक सरपंच पर शासकीय कार्य में बाधा डालने का आरोप लगा है। यही नहीं सरपंच ने महिला पटवारी और उनके सहयोगी के साथ अभद्र व्यवहार किया और उन्हें दो घंटे तक बंधक बनाकर रखने के आरोप पटवारी संघ द्वारा लगाया गया है।
Khargone News: इस संबंध में बड़वाह तहसील के पटवारी संघ के अध्यक्ष पन्नालाल भालसे के नेतृत्व में समस्त पटवारी सोमवार को बड़वाह पुलिस थाने पहुंचे। साथ ही आरोपी सरपंच के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर कार्यवाही की मांग की हैं। अन्यथा ब्लॉक के सभी पटवारी कलम बंद हड़ताल करेंगे। संघ के अध्यक्ष भालने ने बताया की घटना 18 जुलाई की है। जहां जमीन सीमांकन के लिए ग्राम लौंदी गए पटवारी निलम डावर और पटवारी पियूष जैन के साथ वही के सरपंच अर्जुन कौशल ने दुर्व्यवहार किया। दोनों पटवारी एक भूमि विवाद में सीमांकन के लिए मौके पर गए थे।
Khargone News: सरपंच ने न केवल पटवारियों को धमकाया बल्कि उनसे खेत सीमा पर गाढ़े गए खूंटे के एवज में 3640 रुपए भी छीन लिए। साथ ही उन्होंने नक्शे को फाड़ने का प्रयास भी किया। दोनो फरियादी पटवारी ने बताया की इस दौरान मौके पर कई ग्रामीण, पंच और उपसरपंच उपस्थित थे। इस घटना के विरोध में क्षेत्र के पटवारियों ने पुलिस थाने सहित एसडीएम ओर तहसीलदार को भी ज्ञापन सौंपा है। पटवारियों ने चेतावनी दी है कि यदि तीन दिन में सरपंच के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई, तो वे सीमांकन और फार्मर आईडी से जुड़े सभी काम बंद कर देंगे।
यह घटना खरगोन जिले के बड़वाह थाना क्षेत्र की है, जहाँ ग्राम लौंदी में जमीन के सीमांकन के दौरान सरपंच अर्जुन कौशल पर महिला पटवारी और उनके सहयोगी के साथ अभद्रता, धमकी और दो घंटे तक बंधक बनाकर रखने के आरोप लगे हैं।
"सरपंच के खिलाफ क्या कार्रवाई हुई है?"
पटवारी संघ की शिकायत पर मामला बड़वाह पुलिस थाने में दर्ज करने की मांग की गई है। यदि 3 दिन में कार्रवाई नहीं हुई तो पटवारी कलमबंद हड़ताल पर जाएंगे।
क्या "सरपंच ने पटवारियों से पैसे छीने" थे?
जी हाँ, पटवारियों का आरोप है कि सरपंच ने सीमांकन के दौरान ₹3640 जबरन ले लिए और नक्शा फाड़ने की भी कोशिश की।
"पटवारी संघ का इस मामले में क्या रुख है?"
पटवारी संघ ने एकजुट होकर थाना, तहसीलदार और एसडीएम को ज्ञापन सौंपा है। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि कार्यवाही नहीं हुई, तो सीमांकन और किसान आईडी जैसे शासकीय कार्य बंद कर दिए जाएंगे।
क्या "महिला पटवारी" को भी इस विवाद में नुकसान पहुंचाया गया है?
महिला पटवारी नीलम डावर ने बताया कि उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया और शासकीय कार्य में अवरोध डाला गया। यह महिला कर्मचारी की गरिमा का भी उल्लंघन है।