शामली की आस्था जैन ने यूपीएससी परीक्षा में देश में नौवां स्‍थान हासिल किया

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शामली की आस्था जैन ने यूपीएससी परीक्षा में देश में नौवां स्‍थान हासिल किया

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  • Publish Date - March 6, 2026 / 11:34 PM IST,
    Updated On - March 6, 2026 / 11:34 PM IST

मुजफ्फरनगर (उप्र), छह मार्च (भाषा) शामली जिले के कांधला में किराने की छोटी दुकान चलाने वाले एक कारोबारी की बेटी आस्था जैन ने संघ लोक सेवा आयोग की प्रशासनिक सेवा परीक्षा में अखिल भारतीय स्तर पर नौवीं रैंक हासिल की है, जिससे उनके परिवार और इलाके में खुशी का माहौल है।

कांधला के सरावज्ञान मोहल्ले की रहने वाली आस्था जैन के पिता शहर में लक्ष्मी नारायण मंदिर के पास अजय कुमार जैन किराने की एक दुकान चलाते हैं। परिवार में तीन बेटियां और एक बेटा हैं।

अजय कुमार जैन ने ‘पीटीआई-भाषा’ से बातचीत में कहा कि आस्था ने अपनी शुरुआती पढ़ाई कांधला में पूरी की और बाद में शामली के स्कॉटिश स्कूल से हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की पढ़ाई की।

उन्‍होंने बताया कि इंटरमीडिएट की पढ़ाई पूरी करने के बाद आस्था ने सिविल सर्विसेज की तैयारी करने की इच्छा जताई, जिसके बाद उनके परिवार ने उन्हें दिल्ली विश्‍वविद्यालय भेज दिया, जहां उन्होंने स्नातक की पढ़ाई पूरी की और यूपीएससी की तैयारी शुरू कर दी।

उन्होंने कहा कि आस्था ने ज्यादातर स्‍वत: अध्ययन पर भरोसा किया, साथ ही दिल्ली में कुछ कोचिंग और ऑनलाइन रिसोर्स से भी पढ़ाई की। उन्होंने बताया कि आस्था ने पहले ही प्रयास में सिविल सर्विसेज परीक्षा में 131वीं रैंक के ऑल इंडिया स्तर के साथ परीक्षा पास की थी और हैदराबाद में भारतीय पुलिस सेवा के लिए प्रशिक्षण ले रहीं हैं। उन्होंने बताया कि लेकिन, भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) बनने की चाहत में, उसने फिर से परीक्षा दी और अपने दूसरे प्रयास में 186वीं रैंक हासिल की, लेकिन उनको संतुष्टि नहीं मिली।

उन्होंने बताया कि आस्‍था का प्रयास जारी रहा और तीसरे प्रयास में नौवीं रैंक हासिल की। उन्होंने बताया कि मोहल्‍ले और इलाके में खुशी का माहौल है और बेटी ने शीर्ष 10 प्रतियोगियों में अपना स्थान हासिल करके मान बढ़ाया है।

आस्था के पिता ने इस मौके पर बाजार में मिठाइयाँ बाँटीं। बचपन से ही होशियार छात्रा आस्था ने इससे पहले 2019 में स्कॉटिश स्कूल से इंटरमीडिएट एग्जाम में 500 में से 496 अंक हासिल किए थे और राष्‍ट्रीय स्‍तर पर चौथा स्थान हासिल किया था।

हैदराबाद में प्रशिक्षण ले रही आस्था जैन ने फोन पर बात करते हुए अपनी कामयाबी का श्रेय अपने माता-पिता ममता जैन और अजय जैन, अपने भाई-बहनों और अपने शिक्षकों को दिया।

शहर के लोगों ने कहा कि उनकी इस कामयाबी से न सिर्फ़ परिवार बल्कि पूरे समुदाय को गर्व है।

भाषा सं आनन्द अमित

अमित