मप्र: हड़ताल के समर्थन में असैन्य रक्षा कर्मचारियों ने एक घंटे देरी से काम शुरू किया

मप्र: हड़ताल के समर्थन में असैन्य रक्षा कर्मचारियों ने एक घंटे देरी से काम शुरू किया

मप्र: हड़ताल के समर्थन में असैन्य रक्षा कर्मचारियों ने एक घंटे देरी से काम शुरू किया
Modified Date: February 12, 2026 / 12:54 pm IST
Published Date: February 12, 2026 12:54 pm IST

भोपाल, 12 फरवरी (भाषा) मध्यप्रदेश में रक्षा प्रतिष्ठानों में काम करने वाले 25,000 से अधिक असैन्य कर्मचारियों ने राष्ट्रव्यापी श्रमिक संगठनों की हड़ताल के समर्थन में बृहस्पतिवार को एक घंटे देर से काम किया। अखिल भारतीय रक्षा कर्मचारी संघ (एआईडीईएफ) ने यह जानकारी दी।

इन संगठनों ने केंद्र सरकार की मजदूर विरोधी, किसान विरोधी और राष्ट्र विरोधी कॉरपोरेट नीतियों के विरोध में दिन भर की हड़ताल का आयोजन किया है।

एआईडीईएफ के अध्यक्ष एस एन पाठक ने फोन पर ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि राज्य में छह आयुध कारखानों में तैनात 25,000 से अधिक असैन्य कामगार विरोध प्रदर्शन के तौर पर एक घंटे देरी से ड्यूटी पर पहुंचे।

उन्होंने कहा, ‘‘हम पूरी तरह से दिन भर की हड़ताल नहीं कर सके क्योंकि रक्षा उत्पादन और संबंधित कार्य आवश्यक सेवाओं की श्रेणी में आते हैं।’’

पाठक ने कहा कि श्रमिकों को सुबह आठ बजे अपनी ड्यूटी आरंभ करनी थी लेकिन इसके बजाय उन्होंने सुबह नौ बजे काम शुरू किया।

विभिन्न यूनियन से जुड़े श्रमिकों को मध्यप्रदेश में कुछ स्थानों पर विरोध प्रदर्शन करते और सरकार विरोधी नारे लगाते देखा गया।

हड़ताल का आह्वान करने वाले केंद्रीय श्रमिक संगठनों के संयुक्त मंच ने दावा किया कि आंदोलन के लिए करीब 30 करोड़ श्रमिकों का समर्थन हासिल है।

श्रमिक संगठनों की तात्कालिक मांगों में चार श्रम संहिताओं एवं नियमों को रद्द करना, बीज विधेयक और विद्युत संशोधन विधेयक तथा ‘सस्टेनेबल हार्नेसिंग एंड एडवांसमेंट ऑफ न्यूक्लियर एनर्जी फॉर ट्रांसफॉर्मिंग इंडिया (शांति) अधिनियम’ को वापस लेना शामिल है।

श्रम संघ मनरेगा की बहाली और ‘विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम, 2025’ को रद्द करने की भी मांग कर रहे हैं।

संयुक्त मंच में इंडियन नेशनल ट्रेड यूनियन कांग्रेस (आईएनटीयूसी), ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस (एआईटीयूसी), हिंद मजदूर सभा (एचएमएस), सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन (सीआईटीयू), ऑल इंडिया यूनाइटेड ट्रेड यूनियन सेंटर (एआईयूटीयूसी), स्वरोजगार महिला संघ (सेवा), ऑल इंडिया सेंट्रल काउंसिल ऑफ ट्रेड यूनियन (एआईसीसीटीयू), लेबर प्रोग्रेसिव फेडरेशन (एलपीएफ) और यूनाइटेड ट्रेड यूनियन कांग्रेस (यूटीयूसी) शामिल हैं।

भाषा ब्रजेन्द्र अमित सुरभि

सुरभि


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