मध्यप्रदेश कांग्रेस युवाओं, छात्रों, किसानों, महिलाओं और ओबीसी के अधिकारों के लिए लड़ेगी

मध्यप्रदेश कांग्रेस युवाओं, छात्रों, किसानों, महिलाओं और ओबीसी के अधिकारों के लिए लड़ेगी

मध्यप्रदेश कांग्रेस युवाओं, छात्रों, किसानों, महिलाओं और ओबीसी के अधिकारों के लिए लड़ेगी
Modified Date: August 11, 2026 / 09:48 pm IST
Published Date: August 11, 2026 9:48 pm IST

भोपाल, 11 अगस्त (भाषा) मध्यप्रदेश में दतिया विधानसभा उपचुनाव में जीत से उत्साहित कांग्रेस ने मंगलवार को युवाओं, छात्रों, किसानों, महिलाओं और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के अधिकारों के लिए जोरदार लड़ाई लड़ने का फैसला किया।

यह निर्णय यहां पार्टी की राजनीतिक मामलों की समिति (पीएसी) की करीब पांच घंटे चली बैठक में लिया गया। बैठक में प्रदेश के राजनीतिक, संगठनात्मक और जनहित से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।

कांग्रेस ने इस महीने की शुरुआत में दतिया विधानसभा सीट बरकरार रखी। उपचुनाव में कांग्रेस के घनश्याम सिंह ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के निकटतम प्रतिद्वंद्वी आशुतोष तिवारी को 6,016 मतों से हराया। यह उपचुनाव छात्रों के आंदोलन और भाजपा के वरिष्ठ नेता नरोत्तम मिश्रा को टिकट नहीं दिए जाने के बाद सत्तारूढ़ पार्टी में उभरे मतभेदों के बीच हुआ था।

बैठक के बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘दतिया (उपचुनाव) की जीत ने राजनीति में बदलाव का स्पष्ट संदेश दिया है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘पार्टी ने प्रदेश में युवाओं, छात्रों, किसानों, महिलाओं और ओबीसी के अधिकारों के लिए जोरदार लड़ाई लड़ने का फैसला किया है।’’

सरकार पर युवाओं से जुड़े मुद्दों, परीक्षा घोटालों, प्रश्नपत्र लीक और फर्जी नियुक्तियों को लेकर निशाना साधते हुए पटवारी ने कहा कि आने वाले दिनों में सरकार में कथित भ्रष्टाचार के मामलों को उजागर किया जाएगा।

उन्होंने कहा, ‘‘चाहे मामला किसी मंत्री, मुख्यमंत्री या भाजपा नेता से जुड़ा हो, कांग्रेस अपनी लड़ाई जारी रखेगी।’’

पटवारी ने कहा कि कांग्रेस केवल सरकार बदलना नहीं चाहती, बल्कि स्वच्छ, समृद्ध और सुरक्षित मध्यप्रदेश के लिए खुद को एक विकल्प के रूप में स्थापित करना चाहती है।

उन्होंने सरकार पर राजनीतिक प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं, दलितों, आदिवासियों और ओबीसी के साथ हो रहे अन्याय के खिलाफ पार्टी जोरदार लड़ाई लड़ेगी।

पटवारी ने छात्र संघ चुनाव प्रत्यक्ष प्रणाली से कराने की मांग की और कहा कि यदि अप्रत्यक्ष चुनाव कराए गए तो कांग्रेस प्रदेशव्यापी आंदोलन शुरू करेगी।

हाल में हुए राज्यसभा चुनाव के मुद्दे पर पटवारी ने कहा कि कांग्रेस ने इस मामले को भुलाया नहीं है और न ही कभी भूलेगी।

उन्होंने आरोप लगाया कि निर्वाचन अधिकारी ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए भाजपा के दबाव में कांग्रेस उम्मीदवार का राज्यसभा नामांकन रद्द किया।

पटवारी ने कहा, ‘‘राजनीतिक दबाव में लोकतांत्रिक प्रक्रिया से छेड़छाड़ करने वाले किसी भी अधिकारी या व्यक्ति को कांग्रेस बख्शेगी नहीं। दतिया की जनता ने भाजपा सरकार के कथित अपराधों और भ्रष्टाचार के खिलाफ अपना संदेश दे दिया है।’’

मध्यप्रदेश में तीन राज्यसभा सीटों के लिए 18 जून को हुए चुनाव में उस समय नाटकीय घटनाक्रम हुआ था जब कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन हलफनामे में जानकारी छिपाने के आरोप में खारिज कर दिया गया था।

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि दतिया में जीत से कांग्रेस कार्यकर्ताओं में नया उत्साह आया है और इसका लाभ आगामी नगरीय निकाय चुनावों में मिलेगा।

उन्होंने छात्र संघ चुनाव प्रत्यक्ष प्रणाली से कराने, ओबीसी को 27 प्रतिशत आरक्षण देने और आदिवासी समुदाय के अधिकारों की रक्षा करने की मांग की।

सिंघार ने कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ दर्ज मामलों को राजनीतिक प्रताड़ना बताया और कहा कि पार्टी प्रत्येक कार्यकर्ता के साथ मजबूती से खड़ी है।

उन्होंने बताया कि पीएसी की बैठक में ‘संगठन सृजन अभियान’ और जनहित के मुद्दों पर चर्चा की गई।

सिंघार ने कहा कि छात्र संघ चुनाव प्रत्यक्ष प्रणाली से कराए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर कांग्रेस छात्रों, किसानों और आम जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए प्रदेशव्यापी आंदोलन करेगी।

बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने डिजिटल माध्यम से हिस्सा लिया। राज्यसभा सदस्य विवेक तन्खा, पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह, डॉ. गोविंद सिंह, कांग्रेस कार्यसमिति (सीडब्ल्यूसी) के सदस्य कमलेश्वर पटेल और अन्य नेता भी बैठक में मौजूद रहे।

भाषा दिमो गोला

गोला


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