जबलपुर, दो मई (भाषा) मध्यप्रदेश के बरगी बांध में क्रूज के पलटने की घटना के बाद लापता एक व्यक्ति और तीन बच्चों की तलाश के लिए शनिवार को सेना के गोताखोरों और आपदा राहत टीम ने खोज अभियान का दायरा बढ़ा दिया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
अधिकारियों के अनुसार, हादसे में नौ लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि क्रूज में सवार 41 में से 28 यात्रियों को सुरक्षित बचा लिया गया।
उन्होंने बताया कि पुलिस घटना के संबंध में प्राथमिकी दर्ज करने की तैयारी कर रही है।
अनुमंडलीय पुलिस अधिकारी अंजुल अयंक मिश्रा ने ‘पीटीआई भाषा’ को बताया कि नर्मदा नदी पर बने इस बांध के ‘बैकवॉटर’ क्षेत्र में तलाशी का दायरा बढ़ाकर पांच किलोमीटर कर दिया गया है।
उन्होंने बताया कि इस घटना में नौ लोगों की मौत हो चुकी है, 28 लोगों को बचा लिया गया है और लापता चार लोगों की तलाश जारी है।
पुलिस ने बताया कि शनिवार सुबह पांच बजे से आगरा से हवाई मार्ग के जरिए पहुंचे सेना के 20 गोताखोर समेत 200 से अधिक बचावकर्मी तलाश अभियान में जुटे हैं।
उसने बताया कि लापता लोगों में खमरिया आयुध कारखाने के कर्मचारी कमराज, उनका पांच वर्षीय बेटा तमिल, छह वर्षीय विजय सोनी और पांच वर्षीय मयूरम शामिल हैं।
मिश्रा ने बताया कि इस संबंध में मर्ग दर्ज कर लिया गया है और शवों का पोस्टमार्टम पूरा हो चुका है।
उन्होंने कहा, “हमारी प्राथमिकता लापता लोगों को खोजने की है। जल्द ही प्राथमिकी दर्ज की जाएगी।”
जांचकर्ताओं के अनुसार, प्रस्थान स्थल के पास लगे सीसीटीवी फुटेज में 43 लोगों को क्रूज की ओर जाते देखा जा सकता है जबकि अब तक 41 यात्रियों की पहचान की पुष्टि हो चुकी है।
जिलाधिकारी राघवेंद्र सिंह ने भी चार लोगों के लापता होने की पुष्टि की है।
राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) और स्थानीय गोताखोरों द्वारा चलाया जा रहा बचाव अभियान सुबह करीब नौ बजे तेज हवाओं के कारण कुछ देर प्रभावित हुआ।
राज्य सरकार ने शुक्रवार को घटना की जांच के आदेश दिए और लापरवाही तथा सुरक्षा चूक के आरोपों के बाद तीन कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया। साथ ही, समान प्रकार की नौकाओं के संचालन पर रोक लगा दी गई है।
पर्यटन विभाग द्वारा संचालित यह क्रूज बृहस्पतिवार शाम करीब छह बजे अचानक आए तूफान के दौरान डूब गई थी। शुक्रवार को मलबा बरामद कर लिया गया था, जिसके बाद पुष्टि हुई कि अंदर कोई अन्य शव नहीं है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार तेज हवाओं के कारण पानी में तेज लहरें उठने लगीं जिससे यात्रियों ने शोर मचाया और चालक दल से क्रूज को किनारे ले जाने की मांग की। क्रूज में मौजूद रहे एक व्यक्ति ने चालक दल पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि अंतिम समय में लाइफ जैकेट के लिए अफरा-तफरी मच गई थी।
भाषा सं दिमो
खारी
खारी