इंदौर (मध्यप्रदेश), 24 अगस्त (भाषा) इंदौर के नजदीक खरगोन जिले के जंगल में अंग-भंग किये गये एक मादा तेंदुए के मृत पाये जाने के बाद वन विभाग ने जहर देकर उसका शिकार करने का संदेह जताया है। विभाग के एक अधिकारी के मुताबिक तेंदुए के चारों पंजे और पूंछ का एक हिस्सा कटा पाया गया है।
वन मंडलाधिकारी (डीएफओ) प्रशांत कुमार सिंह ने बुधवार को ‘‘पीटीआई-भाषा’’ को बताया कि मादा तेंदुआ का शव इंदौर से करीब 150 किलोमीटर दूर जंगली इलाके में कुंदा नदी के रूपा कुंड में मंगलवार को मिला। उन्होंने बताया,‘‘तेंदुए के चारों पंजे और पूंछ का एक हिस्सा कटा मिला है।’’
डीएफओ ने बताया कि पोस्टमॉर्टम के बाद तेंदुए के शव को बुधवार को आग के हवाले किया गया और उसके विसरा को जांच के लिए जबलपुर की एक अपराध विज्ञान प्रयोगशाला भेजा जा रहा है।
उन्होंने कहा,’पोस्टमॉर्टम और विसरा की रिपोर्ट के बाद ही तेंदुए की मौत की वास्तविक वजह पता चल सकेगी। हालांकि, शव की स्थिति देखते हुए हमें संदेह है कि तेंदुए को जहर देकर मारे जाने के बाद उसके अंग काटे गए हैं।’
सिंह ने बताया कि तेंदुए के संदिग्ध शिकार और उसके अंग काटने को लेकर वन्य जीव संरक्षण अधिनियम के तहत अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
उन्होंने बताया,‘‘खरगोन के जंगलों में कई गांव पड़ते हैं और तेंदुए मवेशियों के शिकार के लिए अक्सर इंसानी आबादी के पास आ जाते हैं। इससे इंसानों के साथ इस जंगली जानवर के संघर्ष के अवसर बढ़ जाते हैं।’’
भाषा हर्ष राजकुमार
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