ग्वालियर, 25 अगस्त (भाषा) मध्यप्रदेश के ग्वालियर में बांग्लादेश के 13 नागरिकों के अवैध रूप से रह रहे होने की पुष्टि के बाद पुलिस ने उन्हें वापस भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी। एक अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
अधिकारी के अनुसार, केंद्रीय गृह मंत्रालय की मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के तहत सत्यापन के बाद इन लोगों को बांग्लादेश भेजने की प्रक्रिया शुरू की गई। पुलिस ने ग्वालियर में चार अगस्त को मिली गुप्त सूचना के आधार पर इन 13 संदिग्धों की पहचान की थी।
अपराध शाखा के पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) मनीष यादव ने बताया कि पूछताछ और दस्तावेजों की जांच के दौरान उनकी पहचान बांग्लादेशी नागरिकों के रूप में हुई। उन्होंने बताया कि सभी संदिग्धों को अपनी नागरिकता साबित करने का अवसर दिया गया लेकिन वे वैध दस्तावेज पेश नहीं कर सके।
अधिकारी ने बताया कि पूछताछ के दौरान उन्होंने कथित तौर पर स्वीकार किया कि वे दलालों के माध्यम से अवैध रूप से भारत में दाखिल हुए थे।
यादव के मुताबिक, इन 13 लोगों में सात पुरुष, तीन महिलाएं और तीन बच्चे शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि वे पश्चिम बंगाल के रास्ते भारत में दाखिल हुए थे और पिछले करीब डेढ़ साल से ग्वालियर में रहकर काम कर रहे थे।
अधिकारी ने बताया, ‘‘इनकी नागरिकता बांग्लादेशी पाई गई है और इसी कारण केंद्रीय एजेंसी के माध्यम से इन्हें वापस भेजने की प्रक्रिया शुरू की गई है। इस पूरी कार्रवाई में कानूनी प्रक्रिया का पालन किया गया है।’’
उन्होंने बताया कि सभी लोगों को पश्चिम बंगाल की सीमा से सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के जरिए बांग्लादेश भेजा जाएगा।
यादव ने बताया कि अवैध रूप से रह रहे लोगों की पहचान के लिए पुलिस का अभियान आगे भी जारी रहेगा।
भाषा सं ब्रजेन्द्र जितेंद्र
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