नई दिल्ली/भोपाल। Minister Vijay Shah News भारतीय सेना की कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर दिए गए विवादित बयान के मामले में मध्य प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री विजय शाह की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में सख्त टिप्पणी करते हुए कहा है कि मंत्री द्वारा माफी मांगने में “बहुत देरी हो चुकी है”। सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश सरकार को आदेश दिया है कि वह मंत्री विजय शाह के खिलाफ अभियोजन (प्रॉसिक्यूशन) की मंजूरी के सवाल पर दो सप्ताह के भीतर फैसला ले। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि प्रथम दृष्टया यह मामला भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 196 के तहत द्वेष भावना फैलाने और सांप्रदायिक घृणा को बढ़ावा देने का बनता है।
Minister Vijay Shah News दरअसल, मंत्री विजय शाह ने अपने एक बयान में भारतीय सेना की अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी करते हुए उन्हें “पाकिस्तानियों की बहन” कहा था। इस बयान के बाद व्यापक विरोध हुआ और मामला न्यायिक दायरे में पहुंच गया। इससे पहले मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेते हुए मंत्री विजय शाह के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए थे। हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देते हुए विजय शाह ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने मंत्री के रवैये पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति से इस तरह की भाषा और सोच की अपेक्षा नहीं की जा सकती। कोर्ट ने यह भी संकेत दिए कि ऐसे मामलों में केवल माफी पर्याप्त नहीं मानी जा सकती, खासकर तब जब वह देर से और दबाव में मांगी गई हो। अब सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद निगाहें मध्य प्रदेश सरकार पर टिकी हैं, जिसे दो हफ्तों के भीतर यह तय करना होगा कि मंत्री विजय शाह के खिलाफ अभियोजन की अनुमति दी जाए या नहीं। यह फैसला राज्य की राजनीति और सरकार की छवि के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर मध्यप्रदेश के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि कर्नल सोफिया कुरैशी जी पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले भाजपा मंत्री विजय शाह को लेकर सुप्रीम कोर्ट की सख़्ती ने भाजपा की सोच और चरित्र पर बड़ा प्रश्नचिह्न लगा दिया है। SC ने साफ़ कहा है माफी में बहुत देर हो चुकी है और राज्य सरकार को 2 हफ्ते में यह बताने का निर्देश दिया है कि मुकदमा कब शुरू होगा। सेना की अधिकारी, देश की बेटी और राष्ट्र के सम्मान पर हमला हुआ, लेकिन भाजपा सरकार महीनों तक SIT की रिपोर्ट दबाए बैठी रही। यह कोई एक बयान नहीं, बल्कि सत्ता संरक्षण में पनपती असंवेदनशील और घृणित मानसिकता का उदाहरण है। देश की सुरक्षा में तैनात हमारी बहन के प्रति ऐसी ओछी सोच रखने वाले भाजपा मंत्री विजय शाह से मुख्यमंत्री को तत्काल इस्तीफा सहित उन्हें पार्टी के सभी दायित्वों से मुक्त करना चाहिए। देश की सेना और महिलाओं के सम्मान से कोई समझौता स्वीकार नहीं। कानून सबके लिए बराबर है, मंत्री के लिए भी।