Minister Vijay Shah News: मध्यप्रदेश के इस मंत्री पर चलेगा मुकदमा? सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को दिए ये निर्देश, कर्नल सोफिया कुरैशी पर की थी ऐसी टिप्पणी

कर्नल सोफिया कुरैशी पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले मंत्री विजय शाह की बढ़ी मुश्किलें, Madhya Pradesh Minister Vijay Shah on Sophia Qureshi

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  • Publish Date - January 19, 2026 / 03:51 PM IST,
    Updated On - January 19, 2026 / 04:22 PM IST
HIGHLIGHTS
  • सुप्रीम कोर्ट ने विजय शाह पर कार्रवाई को लेकर MP सरकार को दो सप्ताह में निर्णय लेने का निर्देश दिया
  • कोर्ट की सख्त टिप्पणी, कहा माफी मांगने में बहुत देरी हो चुकी, अब केवल खेद काफी नहीं
  • मामला BNS की धारा 196 के तहत द्वेष भावना और सांप्रदायिक घृणा फैलाने से जुड़ा

नई दिल्ली/भोपालMinister Vijay Shah News भारतीय सेना की कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर दिए गए विवादित बयान के मामले में मध्य प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री विजय शाह की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में सख्त टिप्पणी करते हुए कहा है कि मंत्री द्वारा माफी मांगने में “बहुत देरी हो चुकी है”। सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश सरकार को आदेश दिया है कि वह मंत्री विजय शाह के खिलाफ अभियोजन (प्रॉसिक्यूशन) की मंजूरी के सवाल पर दो सप्ताह के भीतर फैसला ले। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि प्रथम दृष्टया यह मामला भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 196 के तहत द्वेष भावना फैलाने और सांप्रदायिक घृणा को बढ़ावा देने का बनता है।

Minister Vijay Shah News दरअसल, मंत्री विजय शाह ने अपने एक बयान में भारतीय सेना की अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी करते हुए उन्हें “पाकिस्तानियों की बहन” कहा था। इस बयान के बाद व्यापक विरोध हुआ और मामला न्यायिक दायरे में पहुंच गया। इससे पहले मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेते हुए मंत्री विजय शाह के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए थे। हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देते हुए विजय शाह ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।

सुप्रीम कोर्ट ने जाहिर की नाराजगी

सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने मंत्री के रवैये पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति से इस तरह की भाषा और सोच की अपेक्षा नहीं की जा सकती। कोर्ट ने यह भी संकेत दिए कि ऐसे मामलों में केवल माफी पर्याप्त नहीं मानी जा सकती, खासकर तब जब वह देर से और दबाव में मांगी गई हो। अब सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद निगाहें मध्य प्रदेश सरकार पर टिकी हैं, जिसे दो हफ्तों के भीतर यह तय करना होगा कि मंत्री विजय शाह के खिलाफ अभियोजन की अनुमति दी जाए या नहीं। यह फैसला राज्य की राजनीति और सरकार की छवि के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है।

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार का पोस्ट

सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर मध्यप्रदेश के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि कर्नल सोफिया कुरैशी जी पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले भाजपा मंत्री विजय शाह को लेकर सुप्रीम कोर्ट की सख़्ती ने भाजपा की सोच और चरित्र पर बड़ा प्रश्नचिह्न लगा दिया है। SC ने साफ़ कहा है माफी में बहुत देर हो चुकी है और राज्य सरकार को 2 हफ्ते में यह बताने का निर्देश दिया है कि मुकदमा कब शुरू होगा। सेना की अधिकारी, देश की बेटी और राष्ट्र के सम्मान पर हमला हुआ, लेकिन भाजपा सरकार महीनों तक SIT की रिपोर्ट दबाए बैठी रही। यह कोई एक बयान नहीं, बल्कि सत्ता संरक्षण में पनपती असंवेदनशील और घृणित मानसिकता का उदाहरण है। देश की सुरक्षा में तैनात हमारी बहन के प्रति ऐसी ओछी सोच रखने वाले भाजपा मंत्री विजय शाह से मुख्यमंत्री को तत्काल इस्तीफा सहित उन्हें पार्टी के सभी दायित्वों से मुक्त करना चाहिए। देश की सेना और महिलाओं के सम्मान से कोई समझौता स्वीकार नहीं। कानून सबके लिए बराबर है, मंत्री के लिए भी।

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मंत्री विजय शाह पर विवाद क्यों हुआ?

कर्नल सोफिया कुरैशी पर आपत्तिजनक टिप्पणी करते हुए उन्हें “पाकिस्तानियों की बहन” कहे जाने के कारण विवाद हुआ।

सुप्रीम कोर्ट ने क्या आदेश दिया है?

सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश सरकार को 2 सप्ताह में यह तय करने का आदेश दिया है कि मंत्री विजय शाह के खिलाफ अभियोजन की मंजूरी दी जाए या नहीं।

इस मामले में कौन-सी धारा लग सकती है?

भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 196, जो द्वेष भावना और सांप्रदायिक घृणा फैलाने से संबंधित है।

हाईकोर्ट ने पहले क्या फैसला दिया था?

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेते हुए मंत्री विजय शाह के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए थे।

आगे क्या होगा?

अब मध्य प्रदेश सरकार को तय करना है कि मंत्री विजय शाह के खिलाफ मुकदमा चलाने की अनुमति दी जाए या नहीं, जिसके बाद कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।