भोपाल, 30 सितंबर (भाषा) मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में भारतीय प्रशासनिक सेवा के सेवानिवृत्त अधिकारी राकेश अग्रवाल (70) की बुधवार को उनके निजी आवास में कथित तौर पर गला रेतकर हत्या कर दी गई। पुलिस के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अग्रवाल की हत्या पर गहरा शोक प्रकट करते हुए कहा कि इस मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
वहीं, कांग्रेस ने राजधानी भोपाल में कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधा।
सहायक पुलिस आयुक्त अंकिता खातरकर ने संवाददाताओं से कहा कि रातीबड़ थाना क्षेत्र के सूरज नगर में हुई इस घटना की सूचना सुबह करीब पांच बजे पुलिस को मिली।
उन्होंने बताया कि अग्रवाल अपनी पत्नी के साथ घर में रहते थे और घटना के समय उनकी पत्नी दूसरे कमरे में सो रही थीं।
अंकिता ने बताया कि प्रारंभिक जांच में वरुण नाम के एक घरेलू सहायक पर संदेह जताया गया है, जो घटना के बाद से लापता है।
उन्होंने बताया कि अग्रवाल के घर में दो दिन पहले ही वरुण को रखा गया था और वह घटना के बाद से लापता है।
घटना की सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की।
सहायक पुलिस आयुक्त ने कहा कि पुलिस और अपराध शाखा की टीमें फरार संदिग्ध नौकर की तलाश में जुटी हुई हैं।
उन्होंने कहा कि पुलिस हत्या के पीछे की असल वजह का पता लगाने के लिए हर पहलू से जांच कर रही है।
पुलिस अधिकारी ने कहा कि इसके अलावा फॉरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर साक्ष्य जुटाए हैं और आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज को भी खंगाला जा रहा है।
मुख्यमंत्री यादव ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में अग्रवाल की मौत को ‘दुर्भाग्यपूर्ण’ करार दिया और पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना जताई।
उन्होंने कहा, ‘‘पुलिस महानिदेशक को मामले की सतत निगरानी के निर्देश दिए हैं। राज्य सरकार इस मामले में पूरी तरह संवेदनशील है। घटना के संबंध में दोषियों को चिह्नित कर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।’’
मध्यप्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि प्रदेश की राजधानी में एक सेवानिवृत्त आईएएस की उनके घर में हत्या ने राज्य की कानून-व्यवस्था की पोल खोल दी है।
उन्होंने कहा, ‘‘भाजपा सरकार में अपराधियों के हौसले बुलंद हैं और राजधानी भोपाल में भी लोग सुरक्षित नहीं हैं। मुख्यमंत्री मोहन यादव के राज में कानून-व्यवस्था पूरी तरह बेपटरी हो चुकी है।’’
सिंघार ने सवाल उठाया कि जब राजधानी में एक सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी अपने घर में सुरक्षित नहीं हैं तो आम जनता की सुरक्षा की जिम्मेदारी आखिर कौन लेगा?
उन्होंने कहा कि प्रदेश को अपराधियों के भरोसे छोड़कर मुख्यमंत्री मोहन यादव जवाबदेही से नहीं बच सकते।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा, ‘‘मोहन यादव जी, देश के ‘सबसे असफल गृहमंत्री’ की ‘उपलब्धि’ हासिल करने के बाद भी यदि सत्ता, व्यवस्था और सरकार में कोई सुधार नहीं है, तो आपका पूरा तंत्र ‘निकृष्ट और निर्लज्ज’ हो चुका है।’’
ज्ञात हो कि मुख्यमंत्री मोहन यादव के पास गृह विभाग का भी जिम्मा है।
भाषा ब्रजेन्द्र शफीक
शफीक