मप्र ने अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ तीनवर्षीय कार्ययोजना पेश की

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मप्र ने अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ तीनवर्षीय कार्ययोजना पेश की

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  • Publish Date - January 23, 2026 / 02:24 PM IST,
    Updated On - January 23, 2026 / 02:24 PM IST

भोपाल, 23 जनवरी (भाषा) मध्यप्रदेश सरकार ने राज्य में अवैध मादक पदार्थों की समस्या के उन्मूलन के लिए तीन वर्षीय कार्ययोजना तैयार की है, जिसके तहत प्रमुख शहरों में सक्रिय माफिया नेटवर्क को ध्वस्त करने की रणनीति अपनाई जाएगी। एक अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री की अध्यक्षता में नौ जनवरी को हुई शीर्ष समिति की बैठक में जारी निर्देशों के अनुपालन में बृहस्पतिवार को पुलिस मुख्यालय में एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई।

बैठक की अध्यक्षता करते हुए पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) कैलाश मकवाना ने कहा कि राज्य पुलिस द्वारा पिछले वर्ष चलाया गया ‘ड्रग्स आर ए डिस्टेंस’ अभियान नागरिकों में जागरूकता पैदा करने में काफी सफल रहा है।

उन्होंने कहा, ‘‘जिस तरह हमने निर्धारित समय से चार महीने पहले राज्य से नक्सलवाद का खात्मा किया, उसी तरह अब मादक पदार्थों की समस्या को भी एक बड़ी चुनौती मानते हुए समाप्त करना होगा।’’

मकवाना ने कहा कि एक अप्रैल से शुरू होने वाले अगले तीन वर्षों में मध्यप्रदेश पूरे देश के साथ मिलकर ‘नशामुक्त भारत’ के लक्ष्य को दृढ़ संकल्प के साथ हासिल करने की दिशा में काम करेगा।

डीजीपी ने मन्दसौर, नीमच, रतलाम, भोपाल, इंदौर सहित अन्य जिलों में मादक पदार्थों के मामले में प्रभावित स्थानों की पहचान कर माफिया नेटवर्क को ध्वस्त करने, आपूर्ति एवं मांग शृंखला को तोड़ने तथा अन्य जिलों में फैल रहे नशे के कारोबार पर ठोस कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

उन्होंने खेल एवं युवा कल्याण विभाग तथा सामाजिक संगठनों के सहयोग से एक सशक्त रोडमैप तैयार करने और शैक्षणिक संस्थानों के आसपास मादक पदार्थों की बिक्री पर सख्त प्रतिबंध सुनिश्चित करने पर जोर दिया।

मकवाना ने कहा कि उद्योगों में उपयोग होने वाले रसायनों की जांच के लिए भी एक प्रणाली विकसित की जाएगी, ताकि उनका इस्तेमाल केवल स्वीकृत उद्देश्यों के लिए ही हो।

उन्होंने बताया कि इस तीन वर्षीय योजना का मुख्य उद्देश्य आपूर्ति शृंखला को तोड़ना, मांग को कम करना, दोषसिद्धि दर बढ़ाना और अंततः नशामुक्त समाज की स्थापना करना है।

उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए डीजीपी ने कहा कि वर्ष 2025 में मादक पदार्थ रोधी प्रकोष्ठ ने नीमच में अवैध रूप से संचालित गुप्त प्रयोगशालाओं पर छापे मारकर करोड़ों रुपये मूल्य की एमडी ड्रग्स जब्त की थी।

इसके अलावा इंदौर में एक अफ्रीकी नागरिक से 31 ग्राम कोकीन (कीमत लगभग 15.5 लाख रुपये) बरामद की गई।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2025 में कुल 1,44,025 किलोग्राम जब्त मादक पदार्थ, जिसकी कीमत 347 करोड़ रुपये आंकी गई, नष्ट किया गया।

मकवाना ने बताया कि मादक पदार्थ तस्करों की आर्थिक कमर तोड़ने के लिए 2025 में सफेमा अधिनियम के तहत 54 मामलों में 301.41 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्तियां जब्त की गईं, जिनमें मन्दसौर और नीमच जिले अग्रणी रहे।

बैठक में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (नारकोटिक्स विंग) के.पी. वेंकटेश्वर राव सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

भाषा दिमो

मनीषा वैभव

वैभव