Morena Water Contamination / Image Source : AI GENERATED
मुरैना:स्वच्छता में सातवीं बार नंबर-1 आने वाले इंदौर शहर से एक ऐसी डरावनी तस्वीर सामने आई है, जिसने पूरे मध्य प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। इंदौर indore contaminated water के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी पीने से मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है, वहीं सैकड़ों लोग अस्पतालों में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहे हैं। इस भयावह मंजर को देखने के बाद अब मुरैना जिला प्रशासन की भी नींद टूटी है।
इंदौर Indore Water Tragedy की घटना के बाद मुरैना में भी गंदे पानी को लेकर शिकायतें सामने आईं। इन शिकायतों के बाद मुरैना जिले के कलेक्टर और नगर निगम कमिश्नर जांच के लिए मौके पर पहुंचे। जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ। मुरैना नगर निगम की भारी लापरवाही के कारण 8 से अधिक वार्डों में पिछले कई दिनों से गंदा पानी सप्लाई किया जा रहा था। हैरानी की बात यह रही कि पीने के पानी की पाइपलाइनों में सीवर और नालियों का गंदा पानी मिलकर लोगों के घरों तक पहुंच रहा था।
मामले को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर और निगम कमिश्नर ने जांच कर आगे की कार्रवाई शुरू की। इंदौर हादसे के बाद भोपाल से आई टीम भी लगातार गलियों में घूमकर जांच कर रही है। आपको बता दें कि भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी पीने से कई लोगों की मौत हो चुकी है, वहीं हजारों लोगों का इलाज जारी है। इस पूरे मामले में प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने गंभीरता दिखाते हुए मृतकों के परिजनों को ₹2 लाख की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।
कॉन्टैमिनेटेड (Contaminated) का सरल अर्थ है ‘दूषित’ या ‘अपवित्र’। जब किसी शुद्ध पदार्थ (जैसे पानी, भोजन या हवा) में कोई बाहरी हानिकारक तत्व जैसे बैक्टीरिया, रसायन, सीवर का पानी या गंदगी मिल जाती है, तो उसे ‘कॉन्टैमिनेटेड’ कहा जाता है। जब पानी ‘कॉन्टैमिनेटेड’ हो, तो सीधा नल का पानी पीना जानलेवा हो सकता है। इससे हैजा, टाइफाइड और हेपेटाइटिस जैसी बीमारियां फैलती हैं। यदि नल के पानी का रंग या गंध बदली हुई लगे, तो उसका उपयोग तुरंत बंद कर दें।