शहमात The Big Debate: सियासी जंग सीमा पार, ब्यूरोक्रेसी पर क्यों वार? विपक्ष भुला भाषा की मर्यादा, अफसरों तक क्यों पहुंची प्रदेश की सियासी लड़ाई?

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MP Politics News: एमपी में इन दिनों पक्ष और विपक्ष के नेताओं में जैसे होड़ सी मची हुई है अधिकारियों को गरियाने की।

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  • Publish Date - April 24, 2026 / 11:41 PM IST,
    Updated On - April 24, 2026 / 11:41 PM IST

MP Politics News/ Image Source: X Handle

HIGHLIGHTS
  • एमपी में इन दिनों पक्ष और विपक्ष के नेताओं में जैसे होड़ सी मची हुई है।
  • कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने ब्यूरोक्रेसी को लेकर बड़ी तल्ख़ टिप्पणी की।
  • पटवारी ने ब्यूरोक्रेट्स को मलाईदार पोस्टिंग के लिए नेताओं के तलवे चाटने वाला तक कह दिया।

MP Politics News: भोपाल: एमपी में इन दिनों पक्ष और विपक्ष के नेताओं में जैसे होड़ सी मची हुई है अधिकारियों को गरियाने की। प्रीतम लोधी का मामला किसी तरह ठंडा हुआ तो शुक्रवार को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने ब्यूरोक्रेसी को लेकर बड़ी तल्ख़ टिप्पणी की। पटवारी ने ब्यूरोक्रेट्स को मलाईदार पोस्टिंग के लिए नेताओं के तलवे चाटने वाला तक कह दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारी सरकार के हाथों की कठपुतली बने हुए हैं और उनकी रीढ़ की हड्डी सीधी नहीं है।

जीतू पटवारी के इस बयान के बाद कल तक प्रीतम लोधी के मसले को लेकर बैकफुट में रही भाजपा, अब फ्रंट फुट पर आ गई। भाजपा ने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि- कांग्रेस बौखलाहट में शब्दों की मर्यादा भी तार तार कर रही है। कांग्रेस पहले संवैधानिक संस्थाओं और पद पर बैठे लोगों के खिलाफ टिप्पणी करते थी। (MP Politics News) अब वो अधिकारियों को भला बुरा कह रही है। अधिकारी-कर्मचारी तो कांग्रेस के राज में कठपुतली होते थे।

कुलमिलाकर ये बड़ा दिलचस्प है कि सत्ता पक्ष और विपक्ष के नेता अपनी सुविधा के मुताबिक़ ब्यूरोक्रेसी को परिभाषित कर लेते हैं? ऐसे में सवाल ये कि क्या वाकई- अधिकारी अपना हित साधने के लिए सत्ता की चिरौरी करते हैं? सवाल ये भी कि क्या नेता एंग्री यंग मैन जैसी छवि बनाने के लिए अधिकारियों को निशाना बनाते हैं? (MP Politics News)  सवाल ये कि – क्या जीतू पटवारी के इस बयान का भी अधिकारियों के संगठन लिखित विरोध करेंगे.. और सबसे बड़ा सवाल ये कि क्या अधिकारी, सत्ता पक्ष के घोषित टूल होते हैं?

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