कूनो राष्ट्रीय उद्यान में नामीबियाई चीते ‘गौरव’ की इलाज के दौरान मौत

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कूनो राष्ट्रीय उद्यान में नामीबियाई चीते ‘गौरव’ की इलाज के दौरान मौत

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  • Publish Date - September 21, 2026 / 07:40 PM IST,
    Updated On - September 21, 2026 / 07:40 PM IST

श्योपुर, 21 सितंबर (भाषा) मध्यप्रदेश के कूनो राष्ट्रीय उद्यान में नामीबियाई चीते ‘गौरव’ की सोमवार शाम इलाज के दौरान मौत हो गई। वन विभाग के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।

अधिकारी ने बताया कि 10 वर्षीय गौरव को 12 सितंबर को कमजोर और सुस्त पाए जाने के बाद जंगल से लाया गया था और उसका इलाज किया जा रहा था।

चीता परियोजना के क्षेत्र निदेशक ने एक बयान में कहा, “जांच करने पर स्पष्ट रूप से पाया गया कि वह बेहद कमजोर हो चुका है। उसकी मांसपेशियां भी शिथिल थीं। गौरव को तत्काल आवश्यक उपचार प्रदान किया गया, जिसके बाद उसे पालपुर में स्थानांतरित कर दिया गया। पालपुर में उसे एक ‘क्वारंटाइन बोमा’ (क्यूबी) में करीबी निगरानी में रखा गया।”

निदेशक ने बताया कि प्रारंभिक नैदानिक जांच में पाया गया कि वह संभवतः एक अंतर्निहित पुरानी बीमारी से पीड़ित था।

उन्होंने कहा, “लगातार उपचार और देखभाल के बावजूद उसकी हालत बिगड़ गई और सोमवार शाम लगभग चार बजे उसने दम तोड़ दिया।”

निदेशक ने कहा कि पोस्टमार्टम और एकत्र किए गए नमूनों के विश्लेषण के बाद मौत के सही कारण का पता लग पाएगा। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद ही अधिक विवरण उपलब्ध कराया जा सकेगा।

निदेशक ने कहा कि इसके साथ ही कूनो राष्ट्रीय उद्यान में अब 51 चीते बच गए हैं, जिनमें भारतीय मूल के 36 चीते शामिल हैं। उन्होंने कहा कि 51 चीतों में से 16 वर्तमान में जंगल में स्वतंत्र रूप से घूम रहे हैं।

निदेशक ने बताया कि गांधी सागर अभयारण्य में मौजूद चार चीतों के साथ भारत में चीतों की कुल संख्या अब 55 हो गई है।

भाषा

सं ब्रजेन्द्र पारुल

पारुल