भविष्य की वृद्धि के लिए कंपनियों को एआई जैसी प्रौद्योगिकियों में निवेश करना होगा : उद्योग प्रमुख

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भविष्य की वृद्धि के लिए कंपनियों को एआई जैसी प्रौद्योगिकियों में निवेश करना होगा : उद्योग प्रमुख

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  • Publish Date - September 21, 2026 / 09:51 PM IST,
    Updated On - September 21, 2026 / 09:51 PM IST

नयी दिल्ली, 21 सितंबर (भाषा) उद्योग जगत के दिग्गजों ने सोमवार को कहा कि बदलती बाजार और भू-राजनीतिक परिस्थितियों के बीच कंपनियों को तेजी से बदलाव को अपनाने के साथ कृत्रिम मेधा (एआई) जैसी प्रौद्योगिकियों में निवेश करना होगा।

ऑल इंडिया मैनेजमेंट एसोसिएशन (एआईएमए) की परिचर्चा ‘लीडिंग थ्रू द नेक्स्ट डिसरप्शन : ग्रोथ, रेजिलिएंस एंड रीइन्वेंशन’ में वक्ताओं ने कहा कि वैश्विक तनाव, आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधान और तेजी से बदलते नियामकीय माहौल के कारण कारोबार में अनिश्चितता बढ़ी है।

एआईएमए के वरिष्ठ उपाध्यक्ष और जेएम फाइनेंशियल के वाइस चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक विशाल कम्पानी ने कहा कि कंपनियों को दीर्घकालिक रणनीति के साथ अचानक आने वाले संकट से निपटने के लिए तत्काल कदम उठाने की क्षमता भी विकसित करनी होगी।

उन्होंने कहा कि भारत के लिए एआई के बुनियादी ढांचे में अमेरिका और चीन से प्रतिस्पर्धा करना मुश्किल होगा, लेकिन एआई के अनुप्रयोग के क्षेत्र में बड़ा अवसर है।

डेम्पो समूह के चेयरमैन श्रीनिवास वी. डेम्पो ने कहा कि मुख्य कार्यपालक अधिकारियों (सीईओ) को एआई इंजीनियर बनने की जरूरत नहीं है, लेकिन उन्हें इतना ‘एआई साक्षर’ होना चाहिए कि वे अपनी कंपनियों को सही दिशा दे सकें।

उन्होंने मजबूत वित्तीय स्थिति, बेहतर कॉरपोरेट संचालन, विश्वसनीयता और कर्मचारियों के भरोसे को कारोबार के लिए जरूरी बताया।

अंबुजा नेवतिया समूह के चेयरमैन हर्षवर्धन नेवतिया ने कहा कि बदलती उपभोक्ता पसंद और प्रौद्योगिकी के बीच प्रासंगिक बने रहने के लिए कंपनियों को लगातार खुद में बदलाव करना होगा।

उन्होंने कहा, ‘‘वृद्धि आज के लिए है, मजबूती कल के लिए है और बदलाव उसके अगले दिन के लिए है।’’

राजीव पेट्रोकेमिकल्स के समूह चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक राजीव वस्तुपाल ने कहा कि कच्चे तेल, माल ढुलाई और पेट्रोरसायन की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव के कारण बाजार का अनुमान लगाना मुश्किल हो गया है।

निको केबल्स की चेयरपर्सन विनिता बजोरिया ने कहा कि दीर्घकालिक प्रतिस्पर्धा के लिए अनुसंधान एवं विकास, गुणवत्ता, नए उत्पादों और बाजार विस्तार में निवेश जरूरी है।

उन्होंने कहा कि एआई कर्मचारियों को दोहराव वाले कामों से मुक्त कर गुणवत्ता नियंत्रण, योजना और अनुसंधान जैसे क्षेत्रों में उत्पादकता बढ़ा सकती है।

भाषा योगेश अजय

अजय