अब एआई से सीखिए योग, 2.80 लाख तस्वीरों के बूते उन्नत मॉडल तैयार

अब एआई से सीखिए योग, 2.80 लाख तस्वीरों के बूते उन्नत मॉडल तैयार

अब एआई से सीखिए योग, 2.80 लाख तस्वीरों के बूते उन्नत मॉडल तैयार
Modified Date: June 2, 2026 / 11:11 am IST
Published Date: June 2, 2026 11:11 am IST

इंदौर (मध्यप्रदेश), दो जून (भाषा) कृत्रिम मेधा (एआई) अब किसी प्रशिक्षक की तरह योग की सही और गलत मुद्राओं के बीच का फर्क पहचान सकती है।

अनुसंधानकर्ताओं ने ‘योग एआई कोच’ नाम का एआई मॉडल विकसित किया है। करीब 2.80 लाख तस्वीरों के आधार पर तैयार मॉडल सूर्य नमस्कार समेत योग की 104 प्रकार की मुद्राओं का वास्तविक समय में विश्लेषण कर सकता है।

अधिकारियों ने बताया कि यह मॉडल इंदौर के ‘श्री जीएस इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड साइंस’ (एसजीएसआईटीएस) की अनुसंधान परियोजना के तहत विकसित किया गया है।

उन्होंने बताया कि सरकारी क्षेत्र के इस संस्थान की नवाचारी परियोजना को मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (एमपीसीएसटी) की ओर से 7.10 लाख रुपये के अनुदान की मंजूरी भी मिली है।

परियोजना के प्रधान अन्वेषक ललित पुरोहित ने मंगलवार को ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ‘दुनिया भर में बहुत से लोग योग करना चाहते हैं, लेकिन उन्हें इसकी सही मुद्राओं की जानकारी नहीं होती। हमारा विकसित एआई मॉडल लोगों की योग मुद्राओं की गलती वास्तविक समय में पकड़ता है और इनमें सुधार के सुझाव भी देता है।’’

उन्होंने बताया कि एआई मॉडल को करीब 2.80 लाख तस्वीरों के आधार पर प्रशिक्षित किया गया है और फिलहाल यह 104 तरह की योग मुद्राओं की पहचान कर सकता है जिनमें सूर्य नमस्कार शामिल है।

परियोजना के सह-प्रधान अन्वेषक उपेंद्र सिंह ने बताया कि ‘योग एआई कोच’ को तैयार करने में एजेंटिक एआई, डीप लर्निंग, मशीन लर्निंग, कंप्यूटर विजन तकनीकों का इस्तेमाल किया गया है।

उन्होंने कहा कि एआई मॉडल को तैयार करते वक्त योगाभ्यास के दौरान शरीर के कोणों की सटीकता पर विशेष ध्यान दिया गया है। मसलन योग की किसी मुद्रा में साधक के दोनों हाथ एक तय कोण पर होने चाहिए, तो यह मॉडल योगाभ्यास के दौरान इस कोण की मामूली गड़बड़ी भी पकड़ सकता है।

सिंह ने बताया कि यह प्रणाली भीड़ की संख्या, पुरुष और महिला प्रतिभागियों की गणना, प्रतिभागियों के चेहरे के भावों का वास्तविक समय में विश्लेषण और योगाभ्यास के दौरान साधकों के प्रदर्शन के अंक भी तय कर सकती है।

उन्होंने कहा, ‘भविष्य में हार्डवेयर और रख-रखाव के लिए आवश्यक वित्तीय सहायता उपलब्ध होने पर इस एआई मॉडल को लोगों के लिए निःशुल्क उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।’

अधिकारियों ने बताया कि 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर एक सामूहिक योग कार्यक्रम में ‘योग एआई कोच’ का बड़े पैमाने पर परीक्षण किया जाएगा। इसके तहत ड्रोन के जरिये प्रतिभागियों की गतिविधियों का विश्लेषण करके मॉडल की सटीकता का आकलन किया जाएगा।

भाषा हर्ष मनीषा

मनीषा


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