पन्ना: Panna News: पन्ना के जिला चिकित्सालय एक बार फिर से सवालों के घेरे में है। अजयगढ़ तहसील के ग्राम भैराहा निवासी मोना सेन की डिलीवरी के दौरान मौत हो गई, साथ ही पेट मे पल रहे नवजात की भी जान चली गई। घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन और ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं।
Panna News: रिजनों का कहना है कि समय पर इलाज नहीं मिला और कई घंटों तक महिला को तड़पते हुए देखा गया, लेकिन डॉक्टर और स्टाफ ने समय पर कोई जरूरी कदम नहीं उठाया। उनका आरोप है कि अगर समय रहते ध्यान दिया गया होता, तो दोनों की जान बचाई जा सकती थी।
Panna News: वहीं मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) ने तत्काल जांच के निर्देश दे दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। हालांकि डॉक्टर इससे हार्ट अटैक से मौत बता रहे हैं।
Panna News: यह कोई पहला मामला नहीं है जब पन्ना जिला अस्पताल पर लापरवाही के आरोप लगे हों। अब देखना होगा कि इस बार जिम्मेदारों पर कार्रवाई होती है या फिर यह मामला भी अन्य मामलों की तरह फाइलों में दफन हो जाएगा।
"पन्ना जिला अस्पताल लापरवाही" में महिला की मौत किस वजह से हुई?
डॉक्टरों के अनुसार मौत का कारण हार्ट अटैक बताया गया है, लेकिन परिजनों का आरोप है कि "पन्ना जिला अस्पताल लापरवाही" के चलते समय पर इलाज न मिलने से महिला और नवजात दोनों की जान गई।
क्या "पन्ना जिला अस्पताल लापरवाही" मामले में कोई जांच शुरू हुई है?
हाँ, CMHO ने इस "पन्ना जिला अस्पताल लापरवाही" मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं और कहा है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
क्या पन्ना जिला अस्पताल पर पहले भी "लापरवाही" के आरोप लगे हैं?
जी हाँ, "पन्ना जिला अस्पताल लापरवाही" को लेकर पहले भी कई शिकायतें और आरोप सामने आ चुके हैं, जिनमें इलाज में देरी और मेडिकल स्टाफ की अनुपस्थिति शामिल रही है।
"पन्ना जिला अस्पताल लापरवाही" के खिलाफ शिकायत कहाँ दर्ज की जा सकती है?
अगर कोई "पन्ना जिला अस्पताल लापरवाही" का शिकार हुआ है, तो वह मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) या जिला कलेक्टर कार्यालय में लिखित शिकायत दर्ज करा सकता है।
क्या "पन्ना जिला अस्पताल लापरवाही" से जुड़ी घटनाओं पर कोई सार्वजनिक रिपोर्ट जारी होती है?
जांच पूरी होने के बाद प्रशासन द्वारा अक्सर प्रेस नोट या रिपोर्ट जारी की जाती है, लेकिन कई बार मामले फाइलों में ही दबा दिए जाते हैं। इसीलिए जनदबाव और मीडिया रिपोर्टिंग अहम भूमिका निभाते हैं।