इंदौर में भूमिगत मेट्रो स्टेशन के निर्माण के दौरान लोगों ने ‘तेज कंपन’ का दावा किया

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इंदौर में भूमिगत मेट्रो स्टेशन के निर्माण के दौरान लोगों ने ‘तेज कंपन’ का दावा किया

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  • Publish Date - July 17, 2026 / 10:00 PM IST,
    Updated On - July 17, 2026 / 10:00 PM IST

इंदौर (मध्यप्रदेश), 17 जुलाई (भाषा) इंदौर में एक भूमिगत मेट्रो स्टेशन के निर्माण के दौरान शुक्रवार को स्थानीय लोगों ने ‘तेज कंपन’ महसूस होने का दावा किया और इस निर्माण कार्य से खासकर बहुमंजिला इमारतों की सुरक्षा को खतरा पैदा होने की आशंका जताई।

हालांकि, मध्यप्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एमपीएमआरसीएल) ने परियोजना के निर्माण कार्य को ‘‘पूरी तरह सुरक्षित’’ बताते हुए कहा कि कंपन की शिकायत को लेकर लोगों से बातचीत कर उनकी शंकाओं को दूर किया जा रहा है।

शहर के छोटा गणपति क्षेत्र स्थित महंत कॉम्प्लेक्स और आस-पास के इलाकों के निवासियों का कहना है कि भूमिगत मेट्रो स्टेशन के लिए जारी निर्माण कार्य के दौरान उन्हें अचानक तेज कंपन महसूस हुआ।

स्थानीय निवासी रुक्मिणी शिंदे ने दावा किया कि निर्माण गतिविधियों के दौरान उनकी बहुमंजिला इमारत में कंपन महसूस हुआ।

क्षेत्र के एक अन्य निवासी रंजन मेहता ने दावा किया कि कंपन काफी देर तक महसूस किया गया और इसके कारण लोग अपने घरों से बाहर निकल आए।

महंत कॉम्प्लेक्स की निवासी अंकिता जैन ने दावा किया कि उन्हें अपने फ्लैट में ‘हल्के भूकंप’ जैसा अनुभव हुआ।

स्थानीय निवासी शेखर गिरि ने आशंका जताई कि भूमिगत मेट्रो स्टेशन के लिए सुरंग बनाए जाने से खासकर बहुमंजिला इमारतें और उनमें रहने वाले परिवार प्रभावित हो सकते हैं।

गिरि ने दावा किया कि निर्माण गतिविधियों के कारण कुछ नलकूप भी प्रभावित हुए हैं।

क्षेत्रीय नागरिकों ने कहा कि उन्होंने पहले भी एमपीएमआरसीएल के अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर सुरक्षा उपायों को लेकर चिंता जताई थी।

उनका कहना है कि ताजा घटना के बाद उन्होंने अधिकारियों से मुलाकात कर दोबारा अपनी आपत्तियां दर्ज कराई हैं और मामले की जानकारी जनप्रतिनिधियों को भी दी है।

एमपीएमआरसीएल के एक अधिकारी ने कहा कि परियोजना का निर्माण कार्य ‘‘पूरी तरह सुरक्षित’’ है और इसे तय मानकों के मुताबिक आगे बढ़ाया जा रहा है।

अधिकारी ने कहा, ‘‘छोटा गणपति क्षेत्र में पाइलिंग (जमीन में गहराई तक खुदाई कर कंक्रीट के मजबूत खंभे बनाना) का काम जारी है। कंपन की शिकायत पर एमपीएमआरसीएल के अधिकारी मौके पर पहुंचे और लोगों से बातचीत कर उनकी शंकाओं को दूर करने का प्रयास किया।’’

अधिकारियों ने बताया कि शहर में कुल 31.32 किलोमीटर लंबा मेट्रो रेल गलियारा बनाने का काम 2019 से जारी है, लेकिन फिलहाल इसके केवल करीब छह किलोमीटर मार्ग पर वाणिज्यिक परिचालन शुरू हो सका है।

सघन आवासीय और वाणिज्यिक इलाकों में परियोजना को लगातार बाधाओं का सामना करना पड़ रहा है। इन इलाकों के कई लोग परियोजना का यह कहते हुए विरोध कर रहे हैं कि इससे जनजीवन बाधित होगा और उनके कारोबार पर असर पड़ेगा।

भाषा हर्ष

सिम्मी

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