इंदौर, 21 जुलाई (भाषा) मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय की इंदौर पीठ को पुलिस ने मंगलवार को बताया कि शहर में पिछले महीने हुए पीएनजी लाइन विस्फोट के मामले में स्थानीय पार्षद पर भी मामला दर्ज किया गया है और कुल पांच आरोपियों के खिलाफ जांच चल रही है।
पुलिस के अनुसार 23 जून को विजय नगर क्षेत्र में ‘पाइप्ड नेचुरल गैस’ (पीएनजी) की भूमिगत लाइन के ऊपर चल रही खुदाई के दौरान ‘ड्रिलिंग मशीन’ के लाइन से टकराने के बाद विस्फोट हुआ था और इस घटना में एक महिला समेत चार लोग झुलस गए थे।
स्थानीय लोगों का कहना है कि घटनास्थल पर अवैध रूप से नलकूप खनन किया जा रहा था, जबकि नगर निगम का दावा है कि वहां भूजल पुनर्भरण के लिए गड्ढा खोदा जा रहा था।
उच्च न्यायालय पीएनजी लाइन विस्फोट को लेकर एक जनहित याचिका पर सुनवाई कर रहा है।
अदालत के 13 जुलाई के निर्देश के अनुपालन में सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) पराग सैनी न्यायमूर्ति सुबोध अभ्यंकर और न्यायमूर्ति आलोक अवस्थी की पीठ के सामने हाजिर हुए।
एसीपी ने उच्च न्यायालय को बताया कि घटना की जांच चल रही है और प्राथमिकी में चार अन्य लोगों के साथ ही स्थानीय पार्षद बालमुकुंद सोनी को भी संबद्ध कानूनी प्रावधानों के तहत आरोपी बनाया गया है।
सैनी ने यह भी बताया कि इंदौर नगर निगम द्वारा तैयार की गई मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के दस्तावेज संबंधित अधिकारी से मांगे गए हैं, लेकिन उन्हें पुलिस को अब तक उपलब्ध नहीं कराया गया है।
इंदौर नगर निगम की ओर से पेश एक अधिवक्ता ने अदालत में कहा कि वह सुनिश्चित करेंगे कि ये दस्तावेज दो दिन के भीतर पुलिस के जांच अधिकारी को उपलब्ध करा दिए जाएं।
सुनवाई के दौरान उच्च न्यायालय ने घायलों के उपचार की स्थिति पर विचार करते हुए राज्य सरकार को निर्देश दिया कि घायलों को मुफ्त चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराया जाना सुनिश्चित किया जाए।
अदालत ने जनहित याचिका को तीन अगस्त से शुरू होने वाले सप्ताह में अगली सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया है।
भाषा हर्ष राजकुमार
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