जबलपुर, 24 जून (भाषा) लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के बेटे से जुड़े मानहानि के एक मामले में बुधवार को जबलपुर उच्च न्यायालय में लिखित में अपने बयान पर खेद व्यक्त किया।
उच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति प्रमोद कुमार अग्रवाल की एकलपीठ ने गांधी के खेद संबंधी आवेदन पर बृहस्पतिवार को सुनवाई निर्धारित की है।
मामला मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के बेटे कार्तिकेय सिंह चौहान की ओर से दायर मानहानि वाद से जुड़ा हुआ है।
याचिका पर बुधवार को हुई सुनवाई के दौरान गांधी ने अपने बयान पर खेद व्यक्त किया।
आवेदन में कहा गया है कि उनका बयान शिकायतकर्ता के संबंध में नहीं था। शिकायतकर्ता की तरफ से अधिवक्ता संकल्प कोचर ने पैरवी की।
कार्तिकेय ने भोपाल की सांसद-विधायक अदालत में गांधी के खिलाफ मानहानि का परिवाद दायर किया था, जिसमें कहा गया था कि वर्ष 2018 में झाबुआ की एक चुनावी सभा में राहुल गांधी ने कथित तौर पर पनामा पेपर्स लीक प्रकरण का उल्लेख करते हुए आवेदक का नाम लिया था और इससे उनकी प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची।
अदालत ने प्रकरण की सुनवाई करते हुए राहुल गांधी को व्यक्तिगत उपस्थिति के लिए समन जारी किए थे।
कांग्रेस नेता ने मानहानि के प्रकरण तथा न्यायालय की ओर से जारी समन के खिलाफ उच्च न्यायालय का रुख किया।
अदालत ने सुनवाई करते हुए याचिकाकर्ता को अधीनस्थ अदालत के समक्ष रिकॉर्ड पेश करने के निर्देश जारी किए थे।
याचिका पर मंगलवार को भी सुनवाई हुई थी और इस दौरान याचिकाकर्ता की तरफ से अधीनस्थ न्यायालय का रिकॉर्ड उच्च न्यायालय के समक्ष पेश किया गया। इसके बाद एकलपीठ ने आवेदन पर बुधवार 24 जून को सुनवाई करने के निर्देश जारी किए थे।
भाषा सं ब्रजेन्द्र जोहेब
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