Silwani Moong Ghotala Raisen : डबल लॉक सिस्टम के बावजूद कैसे पार हो गईं 1760 कट्टियां? मालिक और अफसर आमने-सामने, चौकीदार ने खोल दी अंदर की पोल!

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रायसेन के सिलवानी स्थित सर्वोदय वेयरहाउस से 1760 कट्टी सरकारी मूंग रहस्यमय तरीके से गायब होने का मामला सामने आया है। करीब 80 लाख रुपये मूल्य की मूंग के गायब होने के बाद प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है। हैरानी की बात यह है कि वेयरहाउस के ताले सुरक्षित मिले हैं और कहीं भी चोरी के निशान नहीं मिले हैं।

  • Reported By: Santosh Malviya

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  • Publish Date - June 8, 2026 / 11:12 AM IST,
    Updated On - June 8, 2026 / 11:12 AM IST

Silwani Moong Ghotala Raisen / Image Source : SCREENGRAB

HIGHLIGHTS
  • सिलवानी के सर्वोदय वेयरहाउस से 1760 कट्टी सरकारी मूंग गायब
  • गायब मूंग की कीमत 80 लाख रुपये से अधिक बताई जा रही
  • ताले सुरक्षित मिलने से घोटाले और मिलीभगत की आशंका गहराई

सिलवानी: नगर के सर्वोदय वेयरहाउस से करीब 80 लाख रुपए से अधिक मूल्य की सरकारी मूंग की 1760 कट्टियां रहस्यमय परिस्थितियों में गायब होने का मामला सामने आया है। IBC24 ने प्रमुखता से शनिवार को इस खबर को दिखाया था। खबर दिखाए जाने के बाद कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा ने एडीएम मनोज उपाध्याय के नेतृत्व में 5 सदस्यीय जांच दल बनाकर रविवार को सिलवानी भेजा। जांच दल ने वेयर हाउस जाकर जांच की एवं मौके पर पंचनामा बनाया। वेयर हाउस संचालक अर्पित जैन और वेयर हाउस कारपोरेशन के अवधेश गौर सहित सम्बन्धित लोगों के देर रात तक एसडीएम कार्यालय में बयान होते रहे। घटना के बाद वेयरहाउस प्रबंधक, वेयरहाउस मालिक और प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया है।

क्या है पूरा मामला ?

जानकारी के अनुसार 3 जून को सैंपलिंग के लिए पहुंचे कर्मचारियों और प्रतिनिधियों ने स्टैक क्रमांक-1 एवं स्टैक क्रमांक-बी की जांच की, जहां से मूंग से भरी कुल 1760 कट्टियां गायब मिलीं। मध्यप्रदेश बेअरहाउसिंग एंड लाॅजिस्टिक्स काॅर्पोरेशन सिलवानी के प्रबंधक अवधेश गौर ने बताया कि स्टैक क्रमांक-1 में 880 बोरी तथा स्टैक क्रमांक-बी में भी 880 बोरी मूंग रखी गई थी, जो मौके पर नहीं मिली। खास बात यह है कि वेयरहाउस के ताले सुरक्षित मिले हैं और कहीं भी जबरन प्रवेश या चोरी के स्पष्ट निशान नहीं मिले हैं, जिससे मामला और अधिक संदिग्ध हो गया है।

दोनों पक्ष एक दूसरे पर लगा रहे आरोप-प्रत्यारोप

 

अब इस मामले में दोनों पक्ष एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं। सर्वोदय वेयरहाउस के संचालक अर्पित जैन मूंग चोरी की बात कर रहे हैं, जबकि वेयरहाउस कार्पोरेशन के अधिकारी अर्पित जैन पर ही मूंग बेचने का आरोप लगा रहे हैं। दोनों पक्षों ने सिलवानी थाने में अलग-अलग आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की है।

सिलवानी में घोटाले अक्सर देखने को मिल जाते हैं

आपकों बता दें की सर्वोदय वेयरहाउस का यह पहला मामला नहीं है। इसके पहले भी इस वेयर हाउस से फरवरी-मार्च माह में 1471 कट्टी मूंग गायब हुई थी, तब मामला अर्पित जैन द्वारा 1471 कट्टी मूंग खरीदकर वेयरहाउस में रखी गई थी। उस समय अगर वेयरहाउस कारपोरेशन के अधिकारी वेयरहाउस संचालक अर्पित जैन की शिकायत करते तो शायद इतना बड़ा घोटाला नहीं होता। सवाल बार-बार यही उठ रहा है कि जब डबल लॉक सिस्टम रहता है तब इतना बड़ा घोटाला कैसे सम्भव है? बगैर वेयरहाउस कारपोरेशन की मिलीभगत से इतना बड़ा घोटाला नहीं किया जा सकता।

25 मई से 27 मई तक छुट्टी पर था चौकीदार

बता दें की इस पूरे मामले में घेरे में आए वेयरहाउस संचालक के चौकीदार ने साफ तौर पर कहा कि 25 मई से 27 मई तक हमें छुट्टी पर भेज दिया गया था, उसके बाद यह कांड किया गया है। वेयरहाउस संचालक के दलाल सीताराम पाल जिसने कुछ माह तक इसके यहां काम भी किया है ने मीडिया को बताया कि अर्पित जैन ने 18 मोबाइल हमको बांटे थे। हम गाड़ी बुलाते थे, उसके बाद मूंग या दूसरी जीन्स कहा जाती है पता नहीं। सीसीटीवी में ट्रक का आना-जाना दिख रहा है। ऐसे में 80 लाख की मूंग का घोटाला किया गया है।

सुरक्षा में लापरवाही

अभी भी सर्वोदय वेयरहाउस, जिसमें हजारों क्विंटल मूंग रखी हुई है, उसकी जांच की जाए तो और भी मामले निकल सकते हैं। करोड़ों रुपये का सरकारी अनाज इस गोदाम में रखा हुआ है और जहां एडीएम मनोज उपाध्याय मीडिया से बात कर रहे हैं उसके पीछे महज जाली लगी हुई है, शटर नहीं। सबसे बड़ी बात यह है कि वेयरहाउस में रखे माल या वेयरहाउस का बीमा 5 माह पहले ही खत्म हो गया था।

मामूली से चोरी से अधिक बड़ा है मामला

ताले सुरक्षित होने और बड़ी मात्रा में मूंग गायब होने से मामला सामान्य चोरी से अधिक किसी बड़े घोटाले या सुनियोजित गड़बड़ी की ओर इशारा कर रहा है। वेयरहाउस में लगे सीसीटीवी कैमरे में सब रिकॉर्ड है, जो सिलवानी पुलिस के कब्जे में है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज, दस्तावेजों एवं अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है और मामले के हर पहलू की गंभीरता से जांच की जा रही है। बहरहाल, सोमवार को जांच रिपोर्ट कलेक्टर को सौंप दी जाएगी। अब इसके बाद इस मामले में कलेक्टर क्या कार्रवाई करते हैं, पुलिस को एफआईआर के निर्देश देते हैं या फिर यह घोटाला भी अन्य घोटालों की तरह फाइलों में दबकर रह जाएगा, यह देखने वाली बात होगी।

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