Rewa Shiv Barat Controversy: आस्था के साथ खिलवाड़? शिव बारात के पोस्टरों को पैरों से कुचलने का आरोप, शिवभक्तों ने मुख्य बाजार में दिया धरना

मध्य प्रदेश के रीवा शहर के मुख्य बाजार में 15 फरवरी को प्रस्तावित भव्य शिव बारात कार्यक्रम के पोस्टरों को नगर निगम द्वारा हटाए जाने के बाद विवाद खड़ा हो गया। प्रदर्शनकारियों ने धरना देकर करीब चार घंटे तक यातायात ठप कर दिया। नगर निगम उपायुक्त ने माफी मांगी और दोषी कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया।

Rewa Shiv Barat Controversy: आस्था के साथ खिलवाड़? शिव बारात के पोस्टरों को पैरों से कुचलने का आरोप, शिवभक्तों ने मुख्य बाजार में दिया धरना

Rewa Shiv Barat Controversy / Image SOURCE : IBC24

Modified Date: February 3, 2026 / 12:16 am IST
Published Date: February 3, 2026 12:16 am IST
HIGHLIGHTS
  • रीवा के मुख्य बाजार में शिव बारात पोस्टर हटाने को लेकर भारी विवाद।
  • पोस्टरों पर पैरों से कुचले जाने और थूकने जैसी हरकत से शिवभक्त आक्रोशित।
  • चार घंटे तक धरना और यातायात जाम; नगर निगम उपायुक्त ने माफी मांगी।

रीवा : मध्य प्रदेश रीवा शहर के मुख्य बाजार में 15 फरवरी को प्रस्तावित भव्य शिव बारात कार्यक्रम की तैयारियों के बीच भारी विवाद खड़ा हो गया है।  ( Rewa News )कार्यक्रम के प्रचार-प्रसार के लिए लगाए गए भगवान शिव के पोस्टरों को नगर निगम द्वारा हटाए जाने के बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई। इस घटना से आक्रोशित शिवभक्तों ने मुख्य बाजार में धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया, जिससे करीब चार घंटे तक यातायात पूरी तरह ठप रहा। पुलिस ने मौके पर पहुंच कर सभी को समझाइश देते हुए मामले को शांत करने को कोशिश की।

पोस्टर पर थूकने जैसी आपत्तिजनक हरकत भी की

दरअसल शहर के शिल्पी प्लाजा स्थित मुख्य मार्केट में 15 फरवरी को प्रस्तावित शिव बारात के प्रचार पोस्टरों को हटाने को लेकर नगर निगम और आयोजकों के बीच भारी विवाद खड़ा हो गया। आयोजकों ने आरोप लगाया है की , निगम कर्मचारियों ने न सिर्फ पोस्टरों को पैरों से कुचला, बल्कि एक पोस्टर पर थूकने जैसी आपत्तिजनक हरकत भी की, जिसे हिंदू धर्म और धार्मिक आस्था का अपमान बताया गया । इस घटना के बाद शिवभक्तों का गुस्सा फूट पड़ा। ( Rewa Shiv Barat Controversy )इस अपमान के विरोध में आयोजकों और बड़ी संख्या में शिवभक्तों ने शहर के मेन मार्केट में धरना दे दिया। प्रदर्शन के कारण पूरे इलाके का यातायात पूरी तरह बाधित हो गया।

नगर निगम उपायुक्त ने मांगी माफी

हंगामे की सूचना मिलते ही पुलिस और नगर निगम उपायुक्त प्रकाश द्विवेदी मौके पर पहुंचे। उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई संपत्ति विरूपण अधिनियम के तहत की गई थी क्योंकि पोस्टर सड़क पर काफी नीचे लगे थे, जिससे आवागमन प्रभावित हो रहा था। (  MP News Today ) उन्होंने कहा कि निगम की मंशा किसी की आस्था को ठेस पहुँचाने की नहीं थी।पूरे मामले में तनाव बढ़ता देख नगर निगम उपायुक्त ने विभाग की ओर से माफी मांगी, जिसके बाद प्रदर्शनकारियों ने जाम खोला।

आयोजकों ने मांग की है कि नगर निगम आयुक्त दोषी कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई करें ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि अपमानजनक व्यवहार के आरोपों की गंभीरता से जांच की जाएगी और साक्ष्य मिलने पर संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।

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