Govt Employees Sugar test in Meeting: मीटिग के दौरान बार-बार वॉशरूम जा रहे थे अधिकारी, सीनियर ऑफिसर ने कर दी इस चीज की जांच, लाइलाज बीमारी से पीड़ित मिले 15 अफसर
Govt Employees Sugar test in Meeting: मीटिग के दौरान बार-बार वॉशरूम जा रहे थे अधिकारी, सीनियर ऑफिसर ने कर दी इस चीज की जांच, लाइलाज बीमारी से पीड़ित मिले 15 अफसर
- अधिकारियों के बार-बार वॉशरूम जाने पर कमिश्नर ने जताई नाराजगी
- मौके पर ही लगाया गया ब्लड शुगर जांच शिविर
- जांच में 15 अधिकारियों का ब्लड शुगर स्तर सामान्य से अधिक मिला
मैहर: Govt Employees Sugar test in Meeting यहां आयोजित संभाग स्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान एक अनोखा घटनाक्रम सामने आया। बैठक के दौरान कई अधिकारी बार-बार वॉशरूम के लिए बाहर जा रहे थे। इससे बैठक की कार्रवाई प्रभावित होती देख वरिष्ठ अधिकारी ने नाराजगी व्यक्त की और इसके पीछे का कारण जानना चाहा। जब अधिकारियों ने स्वास्थ्य संबंधी समस्या की बात कही तो वरिष्ठ अधिकारी ने तत्काल सभी संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की ब्लड शुगर जांच कराने के निर्देश दे दिए।
बार-बार वॉशरूम जा रहे थे अधिकारी
Govt Employees Sugar test in Meeting वहीं, निर्देश मिलते ही स्वास्थ्य विभाग की टीम सक्रिय हो गई और बैठक स्थल के बाहर ही शुगर जांच के लिए विशेष शिविर लगा दिया गया। कुछ ही देर में बैठक में मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों की जांच शुरू कर दी गई। अचानक शुरू हुई इस स्वास्थ्य जांच को देखकर बैठक में मौजूद लोग भी आश्चर्यचकित रह गए। स्वास्थ्य विभाग द्वारा उपलब्ध कराई गई बैठक में मौजूद कुल 49 अधिकारियों और कर्मचारियों की ब्लड शुगर जांच की गई। इनमें से 15 लोगों का शुगर स्तर सामान्य से अधिक पाया गया। ऐसे अधिकारियों को आगे विस्तृत जांच कराने, चिकित्सकीय परामर्श लेने तथा नियमित स्वास्थ्य परीक्षण कराने की सलाह दी गई।
कमिश्नर ने करा दी जांच
इस दौरान अधिकारियों को यह भी समझाया गया कि मधुमेह (डायबिटीज) एक ऐसी बीमारी है, जिसके शुरुआती लक्षण कई बार सामान्य लगते हैं। बार-बार प्यास लगना, बार-बार पेशाब आना, अत्यधिक थकान महसूस होना और वजन में बदलाव जैसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत जांच करानी चाहिए। समय पर जांच और उपचार से इस बीमारी को नियंत्रित रखा जा सकता है। प्रशासनिक बैठकों में स्वास्थ्य जांच की पहल बनी चर्चा का विषय बैठक के बीच इस तरह अचानक स्वास्थ्य जांच शिविर लगाए जाने की पूरे प्रशासनिक अमले में चर्चा रही। कई अधिकारियों ने इसे एक सकारात्मक पहल बताया, क्योंकि नियमित स्वास्थ्य परीक्षण से गंभीर बीमारियों का समय रहते पता लगाया जा सकता है। वहीं कुछ अधिकारियों ने इसे कार्य के साथ-साथ स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने का संदेश भी माना।
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