Sagar News: जेल में बंद कैदियों को बड़ी राहत, महात्मा गांधी जयंती पर 18 आजीवन बंदियों की रिहाई, नई शुरुआत की उम्मीद

Sagar News: जेल में बंद कैदियों को बड़ी राहत, महात्मा गांधी जयंती पर 18 आजीवन बंदियों की रिहाई, नई शुरुआत की उम्मीद

Sagar News: जेल में बंद कैदियों को बड़ी राहत, महात्मा गांधी जयंती पर 18 आजीवन बंदियों की रिहाई, नई शुरुआत की उम्मीद

Sagar News/Image Source: IBC24

Modified Date: October 2, 2025 / 03:57 pm IST
Published Date: October 2, 2025 3:57 pm IST
HIGHLIGHTS
  • सागर जेल से आजीवन कैदियों की रिहाई,
  • महात्मा गांधी जयंती पर बड़ा तोहफा,
  • अधीक्षक ने दी पुनः अपराध न करने की अपील,

सागर: Sagar News: एमपी के सागर में महात्मा गांधी जयंती के मौके पर मध्यप्रदेश शासन के निर्देश पर केंद्रीय जेल और खुली जेल से आजीवन कारावास की सजा काट रहे 18 बंदियों को रिहा किया गया। इनमें 14 पुरुष और 4 महिलाएँ भी शामिल हैं। बंदियों की यह रिहाई राज्य शासन की विशेष माफी नीति के तहत की गई।

दरअसल,केंद्रीय जेल सागर से रिहा किए गए बंदियों को जेल में रहने के दौरान टेलरिंग, कारपेंटरी, लौहकारी, भवन मिस्त्री और निर्माण सामग्री निर्माण जैसे व्यवसायिक प्रशिक्षण दिए गए थे। इसका उद्देश्य यह था कि वे जेल से बाहर जाकर सम्मानपूर्वक जीवन जी सकें और अपनी जीविका कमा सकें। वहीं सागर केंद्रीय जेल के अधीक्षक मानेन्द्र सिंह परिहार ने बंदियों से पुनः अपराध न करने की अपील की। उन्होंने कहा कि जेल में अर्जित कौशल का उपयोग वे अपने परिवार के जीवन स्तर को सुधारने और समाज के निर्माण में करें।

Sagar News: उन्होंने बताया कि शासन की रिहाई नीति में आवश्यक संशोधन किया गया है और अब आजीवन कारावास से दंडित बंदियों को वर्ष में 5 अवसरों पर रिहा किया जाएगा। पूर्व में गणतंत्र दिवस, अंबेडकर जयंती, स्वतंत्रता दिवस और महात्मा गांधी जयंती पर बंदी रिहा किए जाते थे। लेकिन अब राष्ट्रीय जनजाति गौरव दिवस (15 नवंबर) को भी आजीवन कारावास से दंडित बंदियों को पात्रतानुसार रिहा किया जाएगा।

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सामान्यतः पूछे जाने वाले प्रश्नः

लेखक के बारे में

टिकेश वर्मा- जमीनी पत्रकारिता का भरोसेमंद चेहरा... टिकेश वर्मा यानी अनुभवी और समर्पित पत्रकार.. जिनके पास मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव हैं। राजनीति, जनसरोकार और आम लोगों से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से सरकार से सवाल पूछता हूं। पेशेवर पत्रकारिता के अलावा फिल्में देखना, क्रिकेट खेलना और किताबें पढ़ना मुझे बेहद पसंद है। सादा जीवन, उच्च विचार के मानकों पर खरा उतरते हुए अब आपकी बात प्राथिकता के साथ रखेंगे.. क्योंकि सवाल आपका है।