आतंकवाद जैसे गंभीर खतरों से निपटने के लिए भोपाल में बनेगा अत्याधुनिक प्रशिक्षण केंद्र: मुख्यमंत्री

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आतंकवाद जैसे गंभीर खतरों से निपटने के लिए भोपाल में बनेगा अत्याधुनिक प्रशिक्षण केंद्र: मुख्यमंत्री

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  • Publish Date - April 6, 2026 / 06:00 PM IST,
    Updated On - April 6, 2026 / 06:00 PM IST

भोपाल, छह अप्रैल (भाषा) मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सोमवार को कहा कि आतंकवाद जैसे गंभीर खतरों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए राजधानी भोपाल के तूमड़ा गांव में एक अत्याधुनिक प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि इस केंद्र के माध्यम से सुरक्षा बलों को हर प्रकार की आकस्मिक परिस्थितियों और आपदाओं से निपटने के लिए पूरी तरह प्रशिक्षित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने यहां लाल परेड मैदान में आयोजित राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) के कार्यक्रम में हिस्सा लिया और मध्यप्रदेश पुलिस के जवानों के लिए आयोजित समग्र क्षमता निर्माण प्रशिक्षण एवं प्रदर्शन के साझा कार्यक्रम की शुरुआत की।

इस अवसर पर अपने संबोधन में उन्होंने कहा,आतंकवादी हमलों को पूरी दक्षता से विफल करने के लिए सभी जरूरी प्रशिक्षण के लिए हमारी सरकार भोपाल जिले की हुजुर तहसील के ग्राम तूमड़ा में अत्याधुनिक प्रशिक्षण केन्द्र खोलेगी।’’

उन्होंने कहा, ‘‘इस केंद्र के जरिए हम अपने सुरक्षा बलों को किसी भी प्रकार की आकस्मिक आपदा एवं अतिवादी ताकतों से निपटने के लिए पूरी क्षमता से तैयार करेंगे।’’

मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश देश के मध्य में है, इसलिए यह केंद्र देश की सुरक्षा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

उन्होंने कहा कि नागरिकों की सेवा और सुरक्षा के लिए सरकार हर समय तत्पर है और आतंकवादी निरोधक दस्ता (एटीएस) आतंकवाद के खिलाफ एक मजबूत दीवार बनकर खड़ी है।

उन्होंने कहा, ‘‘इनकी मदद के लिए तैयार की गई काउंटर टेररिस्ट ग्रुप (सीटीजी) हमारी असॉल्ट यूनिट, आधुनिक हथियारों और प्रौद्योगिकी से लैस है।’’

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के विकासशील दौर में आतंकवाद, नक्सलवाद बहुत घातक है और इनसे लड़ने के लिए बलों को हर तरह के प्रशिक्षण की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि देश ने 35 साल पुरानी एक बड़ी समस्या नक्सलवाद को खत्म कर दिया है और मध्यप्रदेश आज पूरी तरह नक्सल मुक्त हो चुका है।

यादव ने कहा, ‘‘इसमें हमारे सशस्त्र बलों का बड़ा योगदान है। सुरक्षा बलों के कारण ही भारत दुनिया के सबसे सशक्त तीन देशों की कतार में शामिल हुआ है।’’

मुख्यमंत्री ने एनएसजी को भारत का अभेद्य सुरक्षा कवच करार दिया और कहा कि इसके ही कारण देश की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था बेहद सुदृढ़ है।

उन्होंने कहा कि देश में हुई किसी भी प्रकार की अतिवादी, अप्रिय घटनाओं एवं असामान्य परिस्थितियों में एनएसजी गार्ड की पूरी मुस्तैदी से मौजूदगी ने यह एहसास कराया है कि एनएसजी है तो हम हर हाल में सुरक्षित हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘एनएसजी देश की सीमा के भीतर नागरिक सुरक्षा की पक्की गारंटी की तरह है।’’

मुख्यमंत्री ने कहा कि एनएसजी के जवान अपनी जान की परवाह किए बिना राष्ट्र की रक्षा में तत्पर रहते हैं और यह बल अपनी पेशेवर क्षमता, अनुशासन और तकनीकी दक्षता के लिए पूरे विश्व में प्रसिद्ध है।

भाषा ब्रजेन्द्र धीरज

धीरज